नौकरी के लिए दिए पैन, आधार से खोले जा रहे ठगी के लिए खाते; दिल्ली में 4 करोड़ की ठगी में 10 गिरफ्तार
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर से पुलिस ने 10 ठगों को गिरफ्तार किया है, जो बेरोजगारों के दस्तावेजों से बैंक खाते खोलकर साइबर ठगों को 'म्यूल खाते' उपलब्ध ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने 10 साइबर ठगों को पकड़ा है। फोटो: सांकेतिक
HighLights
लक्ष्मी नगर से 10 ठग गिरफ्तार, म्यूल खाते उपलब्ध कराते थे
बेरोजगारों के दस्तावेजों से बैंक खाते खोलकर ठगी करते थे
एक खाते में डेढ़ साल में चार करोड़ का लेन-देन
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। यदि आप नौकरी के लिए किसी भी कंपनी को अपने पैन और आधार कार्ड दे देते हैं तो आपके साथ जालसाजी हो सकती है। आपके दस्तावेजों से खाते खोलकर कोई और शख्स उससे ऑनलाइन ठगी कर सकता है और आप पर पुलिस का शिकंजा कस सकता है।
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। योगेश नामक एक बेरोजगार शख्स ने एक कंपनी में नौकरी के लिए अपने दस्तावेज दिए थे।
कंपनी संचालक ने उनके दस्तावेज से लक्ष्मीनगर स्थित यस बैंक में खाते खोलकर बैंक खाते के सारे कागजात अपने पास रख लिए। इस खाते में ठगों ने चार करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।
पुलिस ने 10 ठगों को गिरफ्तार किया
लक्ष्मी नगर में एक ट्रेडिंग कंपनी के आफिस से पुलिस ने दस ठगों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश देश के अलग-अलग जगहों के साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार ठगों से मिले दस्तावेजों में ऐसा खाता मिला है, जिसमें ठगी के चार करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। गिरोह कमीशन पर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। पुलिस ने आरोपितों के पास से 11 पीओएस मशीनें, 27 चेक बुक, 17 एटीएम कार्ड और 12 मोबाइल बरामद किए हैं।
केरलम की महिला से 2 लाख ठगे थे
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि केरलम निवासी एक महिला से साइबर ठगों ने ऑनलाइन दो लाख रुपये ठगे थे। केरलम पुलिस ने केस दर्ज किया था। पता चला कि जिस बैंक खाते में ठगी की रकम गई थी, वह लक्ष्मी नगर स्थित यस बैंक में पंजीकृत है।
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पूर्वी जिले के साइबर थाने की एसआइ रिंकी चौधरी के नेतृत्व में बनी टीम को पता चला कि यह खाता योगेश नाम के व्यक्ति का है। टीम ने कंपनी के आफिस से दस लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों की पहचान गिरोह के सरगना विजय कुमार, प्रदीप कुमार, यतेंद्र कुमार, मुकेश, विनेश, गुरबाज सिंह, अमन, सूरज यादव, गौरव नाहर और लक्ष्मण के रूप में हुई। गिरोह के एक खाते की जांच की गई तो उसमें बीते करीब डेढ़ साल में चार करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं। पुलिस इस खाते के आधार पर अन्य ठगों की तलाश कर रही है।