दिल्ली में कैंसर की नकली और चोरी की दवाओं का पैन इंडिया रैकेट का भंडाफोड़, 12 से अधिक हिरासत में
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर की नकली और चोरी की दवाओं के एक पैन इंडिया रैकेट का भंडाफोड़ ...और पढ़ें

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अवैध कारोबार करने वाले एक पैन इंडिया रैकेट का पर्दाफाश। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
दिल्ली पुलिस ने कैंसर दवाओं के अवैध रैकेट का भंडाफोड़ किया।
12 से अधिक लोग हिरासत में, नकली और चोरी की दवाएं बरामद।
राजस्थान से चुराई गई महंगी दवाएं दिल्ली में बेची जा रही थीं।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अवैध कारोबार करने वाले एक पैन इंडिया रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। यह गिरोह कैंसर की असली दवाओं की चोरी से लेकर उनके नकली तरीके री पैकिंग करके बेच रहा था। बृहस्पतिवार को इस रैकेट में शामिल आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह सरकारी और निजी अस्पतालों से कैंसर की असली और कीमती दवाएं चुराता था। इसके बाद, इन चुराई गई दवाओं को अवैध बाजार में खपाने के लिए भेज दिया जाता था। जांच में पता चला है कि गिरोह केवल चोरी की दवाएं ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर कैंसर की नकली दवाएं भी बाजार में बेच रहा था। आरोपित नकली दवाओं को असली जैसी पैकिंग में बंद करते थे और जरूरतमंद मरीजों को आसमान छूती कीमतों पर बेच देते थे।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह मुख्य रूप से कैंसर की उन दवाओं को बेचते था जिनकी बाजार में भारी मांग है और जिनकी कीमत प्रति डोज लाखों रुपये में होती है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज और उनके परिजन दवाओं के नाम पर इन जालसाजों का आसान शिकार बन रहे थे।
जांच एजेंसी इस सिंडिकेट के सप्लाई नेटवर्क को खंगाल रही हैं और यह पता लगा रही है कि चोरी और नकली दवाओं का मुख्य स्रोत कहां-कहां है, इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में किन-किन डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों के जरिए भेजा जा रहा था और इस पूरे रैकेट में खरीद-बिक्री से लेकर री-पैकिंग तक कौन-कौन से बड़े लोग शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में कैंसर मरीजों को मुफ्त इलाज के लिए भेजी गई लाखों रुपये की महंगी दवाएं दिल्ली पहुंचीं थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने जांच शुरू कर दी। चार शीशियों का बैच राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड को सप्लाई किया गया था। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान में दवा की खरीद से लेकर सरकारी गोदाम, अस्पताल और फिर दिल्ली के ड्रग सिंडिकेट तक पहुंचने वाली पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने जयपुर से तीन आरोपितों को हिरासत में लिया। मंगलवार को कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने डार्जालेक्स, इम्फिन्जी, एरबिटक्स, बावेंसियो, एडसेट्रिस और कीट्रूडा जैसी महंगी कैंसर दवाओं की 22 और शीशियां बरामद की। इनमे कुछ दवाओं की एक शीशी की कीमत करीब एक लाख रुपये तक बताई जा रही है।
आरोपितों के पास से 27.19 लाख रुपये नकद भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के मुफ्त इलाज के लिए पहुंची ये दवाएं सरकारी सिस्टम से बाहर निकलकर दिल्ली के ड्रग सिंडिकेट तक कैसे पहुंचीं।
