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वर्दी पहनकर वीडियो कॉल और फर्जी वारंट, देहरादून में फर्जी NIA अधिकारी ने बुजुर्ग को 'डिजिटल अरेस्ट' कर ठगे 35 लाख

Updated: Wed, 19 Aug 2026 10:46 PM (GMT+05:30)

फर्जी एनआईए चीफ बनकर ठगों ने देहरादून के एक बुजुर्ग को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर 35.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग और दिल्ली बम धमाके में भूमिका का आरोप लगाकर डराया, जिसके बाद साइबर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. फर्जी एनआईए चीफ ने बुजुर्ग को 'डिजिटल अरेस्ट' किया।

  2. मनी लॉन्ड्रिंग, बम धमाके में फंसाने की धमकी दी।

  3. पीड़ित से 35.50 लाख रुपये ठगे गए, केस दर्ज।

जागरण संवाददाता, देहरादून। एनआईए चीफ ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और 35.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने मनी लान्ड्रिंग और दिल्ली बम धमाके में बुजुर्ग की भूमिका बताकर डराया। अलग-अलग दिन कई घंटे तक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट किया गया। शिकायत पर साइबर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पंडितवाड़ी निवासी पीड़ित राजेंद्र प्रसाद ने शिकायत करते हुए बताया कि पंडितवाड़ी में ही उनका आदित्य डिपार्टमेंटल स्टोर है। तीन अगस्त को उनके पास फोन आया। जिसने खुद को देहरादून पुलिस हेडक्वार्टर से इंस्पेक्टर बताया औरएनआईए चीफ से बात करने को कहा। इसके लिए एक नंबर भी दिया गया। पीड़ित ने नंबर पर फोन किया तो उसने खुद को एनआईए चीफ बताते हुए मनी लान्ड्रिंग का आरोप बताते हुए दिल्ली बम धमाके में भूमिका होने का डर दिखाया।

ये भी कहा कि पीड़ित की आईडी भी मिली है। बैंक से आईडी पर दो करोड़ रुपये का लोन लिया गया है, जो डिफॉल्ट हो गया है और पीड़ित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। ठगों ने पीड़ित को वीडियो कॉल कर डराया और धमकाया। जांच में सहयोग न करने पर गिरफ्तारी का डर दिखाया गया। ये भी कहा कि पुलिस फोर्स देहरादून पहुंच चुकी है और हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

चार अगस्त को ठगों ने वर्दी में पीड़ित को वीडियो कॉल किया और डराया कि जांच पूरी होने तक अपना पैसा आरबीआई के स्पेशल अकाउंट में जमा कराओ। जांच पूरी होने के बाद ब्याज सहित पैसा वापस कर दिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित ने 8.50 लाख रुपये जमा कराए। पांच अगस्त से 10 अगस्त तक लगातार वीडियो काल कर पूछताछ की गई और कई-कई घंटे तक वीडियो काल पर रहकर पीड़ित पर नजर रखी गई। 11 अगस्त को दोबारा 27 लाख रुपये जमा कराए गए।

रकम जमा कराकर आरोपितों ने जांच पूरी होने पर संपर्क करने को कहा। इसके बाद 13 अगस्त से 16 अगस्त के बीच पीड़ित ने आरोपितों से कई बार मैसेज व फोन कर बात करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हुआ।

हर गतिविधि पर नजर

साइबर ठगों ने तीन अगस्त को इस ठगी की शुरुआत की और 11 अगस्त तक बुजुर्ग को डराकर लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। शुरुआत में ही ठगों ने दून का कनेक्शन दिखाया। एक ठग ने खुद को देहरादून का इंस्पेक्टर बताकर एनआईए चीफ से बात करने को कहा। इस बीच पीड़ित बुजुर्ग को गिफ्तारी का भी डर दिखाया। पीड़ित की हर गतिविधि पर नजर रखने की भी बात कही और गिरफ्तारी के लिए पुलिस फोर्स के देहरादून पहुंचने का भी डर दिखाया।

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