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    दिल्ली में ठक-ठक गिरोह का भंडाफोड़, तमिलनाडु से आकर करते थे कार चोरी

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 01:01 AM (GMT+05:30)

    उत्तरी जिला पुलिस ने तमिलनाडु से दिल्ली आकर कारों के शीशे तोड़कर चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

    उत्तरी जिला पुलिस ने दो बदमाशों को दबोचा। इमेज एआई

    उत्तरी जिला पुलिस ने दो बदमाशों को दबोचा। इमेज एआई

    HighLights

    1. तमिलनाडु से दिल्ली आकर करते थे कार चोरी।

    2. उत्तरी जिला पुलिस ने दो बदमाशों को दबोचा।

    3. चार लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किया गया।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तरी जिला के रूप नगर थाना पुलिस ने तमिलनाडु से ट्रेन के जरिये दिल्ली आकर कारों के शीशे तोड़ चोरी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर दो बदमाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस को चकमा देने के लिए गिरोह के बदमाश वारदात के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे।

    डीसीपी उत्तरी जिला राजा बांठिया के मुताबिक गिरफ्तार किए बदमाशों के नाम गुणासेकर और गोकुल एम है। दोनों
    तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु) के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से चार लैपटाप, तीन चार्जर और एक सैमसंग मोबाइल बरामद किया गया है। इनकी गिरफ्तारी से रूप नगर, अशोक विहार और गोविंदपुरी थाने के चार मामले सुलझा लिए गए हैं।

    नौ जुलाई को अशोक विहार के रहने वाले अधिवक्ता राजेश कुमार ने पुलिस में शिकायत कर बताया था कि कमला नगर में आइडीएफसी बैंक के पास खड़ी उनकी कार का शीशा तोड़कर अज्ञात चोरों ने अंदर रखा एप्पल आइपैड और अन्य सामान उड़ा लिया।

    एसीपी राजेंद्र प्रसाद व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश कौशिक की टीम ने घटनास्थल और आसपास के लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें पांच संदिग्ध कार के आसपास घूमते और वारदात के बाद पैदल भागते नजर आए। फुटेज को खंगालते हुए पुलिस ने संदिग्धों की साफ तस्वीरें निकालीं और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया।

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    फेस रिकाग्निशन सिस्टम की मदद से तीन आरोपितों की पहचान तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के रहने वाले के रूप में हुई। पुलिस उन्हें पकड़ने की कोशिश कर ही रही थी कि दो अगस्त को एसआइ हर्षित को सूचना मिली कि आरोपित फिर से वारदात की नीयत से कमला नगर आने वाले हैं। पुलिस टीम ने वहां से दोनों को दबोच लिया।

    पूछताछ से पता चला कि गिरोह का सरगना दीपक उर्फ कार्तिक है, जो सभी को तमिलनाडु से लाता था। पुलिस ट्रेसिंग से बचने के लिए ये लोग आपस में संपर्क के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। ये सभी एक तय समय पर निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन की एक चाय की दुकान पर इकट्ठा होते थे और वहां से अलग-अलग इलाकों में वारदात के लिए निकलते थे।

    ये लोग दिन में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के शीशे लोहे के औजार से तोड़कर सामान चुराते थे। रात में सोने और आराम करने के लिए दिल्ली से आगरा जाने-आने वाली बसों में सफर करते थे। तीन चार वारदात को अंजाम देने के बाद ये लोग चुराया गया सामान अपने सरगना को सौंपकर ट्रेन से वापस तमिलनाडु लौट जाते थे।

    गुणासेकर, स्नातक पास है। वह पहले मलेशिया की एक नामी कंपनी में काम करता था, फिलहाल बेरोजगार होने के कारण अपराध की दुनिया में कदम रखा। गोकुल एम, 12वीं तक पढ़ाई की है और बेरोजगार है। पुलिस अब गिरोह के सरगना दीपक उर्फ कार्तिक और अन्य फरार साथियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।समाप्त-