वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करता था गिरोह, पुरानी गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट और चेहरे पर मंकी कैप
दिल्ली पुलिस ने 40 दिनों तक छकाने वाले तांबे के तार चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह वॉकी-टॉकी, नकली नंबर प्लेट और मंकी कैप का इस्तेमाल कर पहचान छ ...और पढ़ें

दिल्ली में वॉकी-टॉकी और नकली नंबर प्लेट इस्तेमाल करने वाला तांबा चोर गिरोह गिरफ्तार।
HighLights
गिरोह ने पहचान छिपाने को वॉकी-टॉकी, नकली नंबर प्लेट का प्रयोग किया।
40 दिन बाद दो मास्टरमाइंड अय्यूब और उवैस लोनी से गिरफ्तार।
चोरी के तार से कॉपर निकालने की मशीन, भट्टी भी मिली।
मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। मोबाइल की जगह बातचीत के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल। पुराने वाहनों पर नकली नंबर प्लेट और चेहरों पर मंकी कैप। ये वो तरकीबें हैं, जिसके जरिए कापर वायर (तांबा तार) चोरी करने वाले गिरोह के चोरों ने 40 दिनों तक दिल्ली पुलिस को छकाया। वॉकी-टॉकी का प्रयोग कर अपराधियों तक पहुंचने के पुलिस के सबसे सशक्त माध्यम ''मोबाइल डेटा डंप'' को बेमानी साबित किया।
नकली नंबर प्लेट और मंकी कैप ने वाहन से लेकर उन सब की पहचान छिपाई। हालांकि उनकी ये तरकीबें ज्यादा दिनों तक उन्हें बचा नहीं पायीं। महरौली पुलिस ने स्थानीय सूचना के आधार पर आखिरकार गिरोह के मास्टर माइंड अय्यूब और उवैस को गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली-एनसीआर में 19 वारदात को अंजाम दे चुके
ज्यादातर आरोपित नौवीं-दसवीं पास हैं, पर एकदम प्रोफेशनल गिरोह की तरह कापर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। दिल्ली-एनसीआर में 19 वारदात को अंजाम दे चुके थे। चोरी के तार से कापर अलग करने के लिए मशीन लगा रखी थी। कई सौ मीटर वायर से मिनटों में छिलकर कापर बाहर निकल जाते।
भट्टी में 15 मिनट के भीतर गलाकर ब्रिक्स बना लेते और अगले पांच घंटे में कासगंज या अलीगढ़ के तयशुदा तांबा फैक्ट्री तक पहुंचाते। माल पहुंचते ही पैसे गिरोह के खातों में। गिरोह का सरगना लोनी का सलीम गंजा था, जो चोरी का माल खपाता था। ढाई महीने पहले दक्षिणी पूर्वी जिले की पुलिस ने उसे एक मुठभेड़ में दबोच लिया था।
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तब से सारा काम दोनों मास्टर माइंड लोनी निवासी अय्यूब और बृजपुरी निवासी उवैस ही देखते थे। अय्यूब ही गिरोह के टारगेट देता था। चोरी की वारदात को अय्यूब के दो भाई आरिफ व चांद, शहादरा निवासी सोनू और अकबर अंजाम देते थे। चुराए गए तांबे के तार को बेच कर मिले पैसों से कई वाहन खरीदे थे।
इस तरह शिकंजे में आये दोनों मास्टर माइंड
गिरोह ने 12 व 13 मई की दरम्यानी रात इग्नू रोड स्थित एक इलेक्ट्रिक दुकान को निशाना बनाया था। नकदी के साथ कापर वायर के बंडल चोरी हुए थे। सीसीटीवी फुटेज में फर्जी नंबर प्लेट लगी स्कोडा फैबिया और स्विफ्ट डिजायर कार दिखी थी।
महरौली थाना एसएचओ रितेश शर्मा की देखरेख में एएसआई पंकज राजोरा, हेड कांस्टेबल राजू सैनी, सतीश व कांस्टेबल राहुल पंवार की टीम मामले की जांच कर ही रही थी कि आरोपित 10 दिन बाद फिर उसी दुकान को निशाना बनाने पहुंचे। पर पहले से अलर्ट पुलिस ने एक आरोपित सोनू को स्विफ्ट डिजायर कार (डीएल 5 सीएच 9803) के साथ दबोच लिया।
मास्टर माइंड अय्यूब और उवैस को भी गिरफ्तार किया
कार में चोरी के कापर वायर थे। उसकी निशानदेही पर आरिफ और चांद को 25 मई को लोनी से गिरफ्तार किया। वहीं अय्यूब, उवैस और अकबर को पकड़ने के लिए टीम लगातार लोनी में बनी रही। स्थानीय इनपुट और मुखबिर के माध्यम से आखिरकार 40 दिन के बाद मास्टर माइंड अय्यूब और उवैस को भी गिरफ्तार किया।
दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक अय्यूब पर पहले से तीन और उवैस पर एक आपराधिक मामला दर्ज है। मामले में अब केवल एक आरोपित अकबर फरार है, उसे भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।
आरोपितों के पास से अब तक बरामद सामान
-24 बंडल तांबे के तार
-3.98 लाख रुपये नकद
-स्विफ्ट डिजायर कार
-स्कोडा फैबिया
-सुजुकी एक्सेस स्कूटर
-तीन फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेटें
-दो वॉकी-टॉकी सेट
-एक एयरटेल इंटरनेट डोंगल
-दो सब्बल (लोहे की छड़ें)
-पांच मंकी कैप्स