जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: उपद्रवियों पर दर्ज 13 FIR हो सकती हैं वापस, क्या 'लाल किला हिंसा' वाला फॉर्मूला अपनाएगी पुलिस?
दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रव के 13 मुकदमे वापस लेने पर विचार कर रही है। इसके लिए 2022 में लाल किला हिंसा के मामलों में अपनाई ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रव के 13 मुकदमे वापस लेने पर विचार कर रही है। इमेज एआई
HighLights
दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर के 13 मुकदमे वापस लेगी।
लाल किला हिंसा मामलों की प्रक्रिया का होगा उपयोग।
पुलिस कानूनी राय ले रही, सरकार के निर्देश का इंतजार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने के मामले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज हुए 13 मुकदमे को वापस लेने के लिए दिल्ली पुलिस 2022 में लाल किला हिंसा के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस कदम पर मंगलवार तक पूरी स्पष्टता आने की उम्मीद है।
2021 में कृषि कानून विरोधी आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को लाल किले पर हिंसा हुई थी। इसके बाद दर्ज एफआइआर वापस लेने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल ने मिलकर संयुक्त प्रक्रिया अपनाई थी। 2022 में पुलिस ने तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार के सामने प्रस्ताव रखा था।
इसके बाद दिल्ली सरकार ने 17 मामलों को वापस लेने की मंजूरी दी थी, जिसमें गणतंत्र दिवस हिंसा से जुड़ा केस भी शामिल था। उस दौरान मुकदमे से जुड़ी फाइल तत्कालीन उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय से तत्कालीन गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के कार्यालय भेजी गई थी।
जैन की मंजूरी के बाद इसे मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया, जिसने 28 फरवरी को फाइल उपराज्यपाल आफिस वापस भेज दी थी जिससे उसी दिन उपराज्यपाल ने इसे अपनी अंतिम मंजूरी दे दी थी। दिल्ली पुलिस ने एफआइआर वापस लेने को लेकर कानूनी राय मांगी है और सरकार की तरफ से अंतिम निर्देश का इंतजार कर रही है।
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इसके अलावा पुलिस के पास दूसरा विकल्प यह भी है कि वह मामलों को रद कराने की मांग लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करे। फिलहाल पुलिस का लीगल पैनल सभी कानूनी प्रक्रियाओं की बारीकी से समीक्षा कर रहा है।