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    प्रदर्शन में गोली नहीं, 'फेक न्यूज' का शिकार हुए लोग! दिल्ली पुलिस ने दी अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 05:50 PM (GMT+05:30)

    केंद्रीय दिल्ली में 20 जुलाई 2026 के प्रदर्शन में गोली लगने के दावों को मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट ने खारिज कर दिया है। ...और पढ़ें

    केंद्रीय दिल्ली में 20 जुलाई 2026 के प्रदर्शन में गोली लगने के दावों को मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट ने खारिज कर दिया है। फाइल फोटो

    केंद्रीय दिल्ली में 20 जुलाई 2026 के प्रदर्शन में गोली लगने के दावों को मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट ने खारिज कर दिया है। फाइल फोटो

    HighLights

    1. 20 जुलाई 2026 दिल्ली प्रदर्शन में गोली लगने का दावा।

    2. मेडिको-लीगल रिपोर्ट ने गोली लगने की बात नकारी।

    3. घायल को ब्लंट इंजरी, गोली का कोई सबूत नहीं।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर 20 जुलाई 2026 को सेंट्रल दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने के दावों को मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट ने खारिज कर दिया है। चिकित्सकीय जांच में घाव को ब्लंट इंजरी बताया गया है, जबकि गोली लगने का कोई सबूत नहीं मिला है।

    MLC दस्तावेजों के अनुसार, प्रदर्शनकारी को दाहिने कान के सामने (राइट ट्रेगस) के क्षेत्र में लेसरेटेड वाउंड (फटा घाव) हुआ था। डॉक्टरों की राय में यह साधारण चोट (सिंपल इंजरी) है और इसकी प्रकृति ब्लंट बताई गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि घाव गोली से नहीं हुआ है। इस आधार पर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को बिना सबूत का बताया जा रहा है।

    प्रशासन ने जनता से की अपील

    प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस मामले में सतर्कता बरतते हुए जनता से अपील की है कि ऐसी संवेदनशील खबरों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि कर लें। गलत सूचना फैलाने से न केवल जनमानस भ्रमित होता है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की जांच जारी रखी है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण शुरू हुआ था, लेकिन कुछ हिस्सों में हल्की झड़प हुई थी। घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी प्राथमिक चिकित्सा की गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “MLC रिपोर्ट सबसे विश्वसनीय दस्तावेज है। इसमें घाव की प्रकृति, कारण और गंभीरता स्पष्ट रूप से दर्ज होती है। इस मामले में गोली या फायरआर्म इंजरी के कोई लक्षण नहीं पाए गए।”
     
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #DelhiProtest और #GunshotDelhi जैसे हैशटैग्स के साथ कई वीडियो और पोस्ट वायरल हुए थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई।

    हालांकि, अब तक किसी भी स्वतंत्र स्रोत या आधिकारिक बयान ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में जब देश में विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, फेक न्यूज और अफवाहों का नियंत्रण जरूरी है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे केवल पुष्ट सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।