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जंतर-मंतर के साथ प्रदर्शनकारियों के कब्जे में अब टॉलस्टाय और संसद मार्ग, अश्लील प्लेकार्ड की आई बाढ़

Published: Fri, 24 Jul 2026 02:00 AM (GMT+05:30)

सीजेपी का धरना-प्रदर्शन संसद मार्ग व टालस्टाय मार्ग तक फैल गया है, जिससे ये मार्ग बंद कर दिए गए हैं ...और पढ़ें

सीजेपी के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के साथ संसद मार्ग तक को किया कब्जा।

सीजेपी के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के साथ संसद मार्ग तक को किया कब्जा।

HighLights

  1. प्रदर्शन संसद मार्ग, टालस्टाय मार्ग तक फैला, बंद हुए रास्ते।

  2. नई दिल्ली में इंटरनेट सेवा बंद, जनजीवन प्रभावित।

  3. कनॉट प्लेस के कारोबार पर प्रदर्शनों का गंभीर असर।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सीजेपी का धरना-प्रदर्शन संसद मार्ग व टॉलस्टाय मार्ग से होते हुए संसद मार्ग पर भी पहुंच गया है, जिसके चलते उसे भी पूरी तरह से बंद कर जगह-जगह बैरिकेडिंग करते हुए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इस बीच, सीजेपी ने शुक्रवार को पूरे देश में जिला स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।

एक्स पोस्ट पर जारी पोस्टर में सीजेपी ने इसके लिए सभी छात्र संगठनों को एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने को कहा गया है।
जबकि, हिंसा व उपद्रव के मद्देनजर मेट्रो सेवा के बाद अब नई दिल्ली क्षेत्र के प्रभावित हिस्से में इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया गया है।

फूड डिलीवरी तथा कैब बुकिंग सेवा के मामले भी घटे

प्रदर्शन स्थल के दो किमी के दायरे में दिल्ली पुलिस व सरकार द्वारा इंटरनेट सेवा पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। जिसके चलते न सिर्फ प्रदर्शनकारियों को मुश्किलें बढ़ गई है। बल्कि कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, रायसीना रोड, बाराखंभा, अशोक रोड समेत आस-पास रहते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इंटरनेट ठप होने के साथ प्रदर्शन स्थल पर फूड डिलीवरी तथा कैब बुकिंग सेवा के मामले भी घटे।

इसी तरह, जनपथ के बाद अचानक कनाट प्लेस को शाम को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने सर्कुलर जारी किया तथा दुकानदारों के साथ ही रेस्त्रां व कार्यालयों को बृहस्पतिवार साढ़े छह बजे प्रतिष्ठान बंद करने का आग्रह किया।

हिंसा के साथ से कनॉट प्लेस का कारोबार पूरी तरह से ठप 

इस संबंध में एनडीटीए के सचिव अमित गुप्ता ने कहा कि उन लोगों को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की ओर से ऐसा करने का निर्देश मिला है। वैसे, भी 20 जुलाई को हिंसा के साथ से कनॉट प्लेस का कारोबार पूरी तरह से ठप है। कनाट प्लेस में करीब 2,000 कारोबारी प्रतिष्ठान तथा कार्यालय है, जहां के हालात पिछले चार दिनों से काफी दुरुह बने हुए हैं।

बृहस्पतिवार को भी टॉलस्टाय व संसद मार्ग पर सुरक्षा बलों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। टालस्टाय मार्ग पर एक-दो बार झड़प के साथ लाठीचार्ज की स्थिति बनी। कमोबेश यहीं हाल संसद मार्ग पर भी बना हुआ है। वहां हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए हैं। धरना-प्रदर्शन में अब हर आयु वर्ग के लोग पहुंच रहे हैं। कई देशी-विदेशी पर्यटक भी दिखे, जो ट्राली बैग के साथ पहुंचे थे।

उधर, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। सुबह स्वास्थ्य कारणों से अभिजीत दीपके मंच से दूर रहे तो अन्य पदाधिकारियों ने मंच संभाले रखा। इस बीच, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत अन्य राजनीतिक प्रतिनिधियों का मंच पर आने का क्रम जारी रहा।

अभद्र व अश्लील नारों और प्लेकार्ड की बाढ़

भीड़ में अराजकतत्वों के प्रवेश के साथ ही अभद्र नारों व अश्लील प्लेकार्ड की बाढ़ आ गई है। खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लेते हुए खुले आम अभद्र नारे लगाए जा रहे हैं। ऐसे प्लेकार्ड की बाढ़ है, जिसमें अश्लील शब्दों की होड़ है।

चिंताजनक स्थिति यह कि उन्हें सीजेेपी के वालंटियर्स भी नहीं रोकते हैं, बल्कि भीड़ द्वारा उनका उत्साहवर्धन करते हुए फोटो खिंचवाने के साथ नारों में साथ देते देखा जा सकता है। इस तरह का क्रम डीटीसी की बसों तथा कनाट प्लेस की सड़कों पर देखा जा रहा है। जो आम लोगों को चिंतित कर रहा है, लेकिन वह हिंसा के चलते चुप रहते हैं।

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