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पीडब्ल्यूडी में रहें या सीपीडब्ल्यूडी लौटेंगे? अब दिल्ली सरकार के आधिकारिक निर्देश के बाद ही होगा तय

Published: Wed, 09 Sep 2026 09:37 PM (IST)

दिल्ली सरकार के इंजीनियरिंग कैडर को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी अभियंताओं में चर्चा है। अभियंताओं को दिल्ली कैडर में रहने या सीपीडब्ल्यूडी में लौटने का विकल्प मिलेगा।

दिल्ली सरकार के अपने इंजीनियरिंग कैडर की केंद्र से मिली मंजूरी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

दिल्ली सरकार के अपने इंजीनियरिंग कैडर की केंद्र से मिली मंजूरी। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. दिल्ली सरकार के इंजीनियरिंग कैडर को केंद्र की मंजूरी।

  2. अभियंताओं को पीडब्ल्यूडी या सीपीडब्ल्यूडी चुनने का विकल्प।

  3. फैसला सरकारी सुविधाओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के अपने इंजीनियरिंग कैडर की केंद्र से मिली मंजूरी की चर्चा बुधवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में मुख्यालय में खूब रही। पीडब्ल्यूडी के बने विभिन्न वाट्सएप ग्रुप में भी इस मंजूरी को लेकर अभियंता अपने मैसेज का आदान प्रदान करते रहे। अभियंताओं ने इसे लेकर अपने परिवारों में चर्चा शुरू कर दी है।

दरअसल दिल्ली सरकार अभियंताओं को विकल्प देने जा रही है कि सीपीडब्ल्यूडी के अभियंता दिल्ली के कैडर में रहना चाहते हैं ताे उन्हें माैका दिया जाएगा। मगर अभियंता अभी दिल्ली के कैडर में रहने के लिए सरकारी सुविधाओं की घोषणा का इंतजार करेंगे, इसके बाद ही कोई फैसला लेंगे।

अभियंताओं को दिल्ली में रहने का ही मौका मिल सकेगा

पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अभियंता ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली कैडर में रहने का एक बड़ा लाभ यह जरूर है कि अभियंताओं को दिल्ली में रहने का ही मौका मिल सकेगा। लाभ के एक और पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले अरुणाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी भी सीपीडब्ल्यूडी का हिस्सा था, 1981 में इसे स्वतंत्र कैडर बनाया गया।

उस समय अभियंताओं को विकल्प दिया गया था कि वे नए कैडर में जाएं या पुरानी व्यवस्था में बने रहें। जो लोग वहां रह गए वे कनिष्ठ अभियंता से प्रमुख अभियंता तक बने, जो लोग सीपीडब्ल्यूडी में लाैट आए, उनमें से कई कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंंता से लेकर अधिशासी अभियंता तक के पद तक ही पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह बात तो साफ है कि सीपीडब्ल्यूडी बहुत बड़ा संगठन है।

विभिन्न सहायक अभियंताओं ने रखी अपनी-अपनी राय

वहीं एक सहायक अभियंता ने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी बेहतर है, अभी बहुत सी बातों पर स्थिति साफ होनी है फिर तय करेंगे। एक कनिष्ठ अभियंता ने कहा कि माता पिता बुजुर्ग हैं, बच्चे दिल्ली में पढ़ते हैं, पत्नी दिल्ली में नौकरी करती हैं। हम दिल्ली के कैडर में ही रहना चाहेंगे। एक अधीक्षण अभियंता ने अपनी राय दी कि पदोन्नति की संभावनाओं, वर्तमान कैडर की स्थिति और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर ही फैसला लेना है, उस पर चर्चा चल रही है।

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