सड़कों पर दिल्ली सरकार का 'फोकस', अगले साल 600 किमी सड़कें बनेंगी; इस साल 400 किमी का लक्ष्य
दिल्ली सरकार सड़कों की खराब हालत सुधारने पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, सरकार ने पिछले बजट के बाद अब अगले बजट में भ ...और पढ़ें

सरकार ने कई महत्वपूर्ण और बडे़ खर्च वाली सड़काें को एनएचएआई को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पिछले 10 सालों में देश की राजधानी दिल्ली में सड़कों की बदतर हालत को लेकर जिस तरह बदनाम रही है, इसके पिछली सरकार को हुए नुकसान की अहमियत को वर्तमान रेखा गुप्ता सरकार अच्छे से समझ रही है। शायद यही कारण है वर्तमान सरकार सड़कों पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है।
पिछले बजट में महत्व देने के बाद मंगलवार को पेश किए गए अगले साल के बजट में भी सड़कों काे पिछले साल से भी महत्व दिया गया है। सरकार की मंसा सड़कों पर केवल डेंस कारपेटिंग की ही नहीं है बल्कि फुटपाथ और सेंट्रल वर्ज तक को भी व्यवस्थित करना भी है। उधर, सीएम के अनुरोध पर एनएचएआई ने भी अपनी सड़कों की दशा सुधारने का काम शुरू किया है।
लंबाई 1440 किलोमीटर के करीब
लोक निर्माण विभाग के पास दिल्ली की प्रमुख सड़कें हैं जिनकी लंबाई 1440 किलोमीटर के करीब है। सड़क परिवहन से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो यह सरकार सड़कों के मामले में बेहतर काम इसीलिए भी कर पा रही है और करती रहेगी, क्योंकि इसे केंद्र सरकार से भी इस काम से लिए मदद मिल रही है।
एक तरफ सरकार ने कई महत्वपूर्ण और बडे़ खर्च वाली सड़काें को एनएचएआई को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं सड़कों के लिए केंद्र से भी फंड हासिल कर रही है।
पिछले कुछ महीनों की बात करें तो मानसून के समय सरकार जरूर सड़कों की खराब हालत को लेकर विवाद में आ गई थी। मगर उसके बाद से जिस तरह से इस सरकार ने गड्ढे भरने और सड़कें बनाने का काम किया है वह दिल्ली में जनता को दिखाने भी लगा है।
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प्रभावी तरीके से सरकार रणनीति बना रही
दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से मिले फंड के तहत 31 मार्च तक 400 किलोमीटर सड़कों को बनाने का काम पूरा किए जाने का लक्ष्य है। वहीं एक अप्रैल से अगले पूरे साल में 600 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाना है। जिसमें मानसून से पहले करीब 200 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें भी मानसून को दौरान इस बार गड्ढे भरने के काम को और प्रभावी तरीके से सरकार रणनीति बना रही है।
सीएम के अनुरोध पर एनएचएआई ने शुरू किया काम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्राधिकरण (एनएचएआई) को भी दिल्ली की सीमा के अंदर स्थित उनकी सड़कों को बेहतर किए जाने के लिए कहा है। कुछ समय पहले हुई मुख्यमंत्री की बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि वह जल्द ही अपनी सड़कों को बेहतर बनाने का काम शुरू करेंगे। इसके बाद एनएचएआई ने दिल्ली के सीमा में राजमार्गों पर सड़कों को बेहतर बनाने का काम शुरू किया है। पिछले हफ्ते ही दिल्ली से मेरठ एक्सप्रेस पर यमुना के पास सड़क पर डेंस कारपेटिंग का काम चल रहा है।
सड़कों के मामले में बहुत काम करने की जरूरत : दिनेश कुमार
"पिछले कई सालों से सड़काें की रही खराब हालत को देखते हुए सड़कों के मामले में बहुत काम करने की जरूरत है। लाेगों को सहूलियत देने के लिए सरकार काे उन सड़कों को पहले बनाना चाहिए जो ज्यादा खराब हैं। अन्य सड़कों से रिंग रोड की हालत अच्छी है। हालांकि सड़कों की हालत में पहले से सुधार हुआ है।"
-दिनेश कुमार, पूर्व प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
सड़कों को आधुनिक बनाने की रणनीति
"राजधानी की सड़कों को गड्ढामुक्त, धूल-रहित और आधुनिक बनाने की हमारी रणनीति है। 400 किमी से अधिक प्रमुख सड़कों का 'वाॅल-टू-वाॅल' पुनर्विकास किया जाना है। यह काम 45 से ज्यादा विधानसभाओं में पूरा किया जाना है। यह काम 'वाल-टू-वाल' (किनारे से किनारे तक) कारपेटिंग माॅडल पर होगा ताकि सड़क के दोनों किनारों को भी समतल और मजबूत किया जा सके।"
-प्रवेश वर्मा, मंत्री-लोक निर्माण विभाग।
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