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    SIR की राह में रोड़ा बन रहा परिसीमन, फॉर्म भरते वक्त पुराने विधानसभा नंबर से कट सकता है आपका वोट; BLO बेबस

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 09:32 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली में SIR प्रक्रिया में परिसीमन के कारण मतदाता पुराने विधानसभा और वार्ड नंबर भर रहे हैं, जिससे फॉर्म में गलतियां हो रही हैं। बीएलओ के लिए यह चुनौ ...और पढ़ें

    मटिया महल विधानसभा में एसआईआर के लिए अपना फार्म ढूंढते लोग। जागरण

    मटिया महल विधानसभा में एसआईआर के लिए अपना फार्म ढूंढते लोग। जागरण

    HighLights

    1. दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया में परिसीमन बाधा बन रहा है।

    2. मतदाता पुराने विधानसभा नंबर भर रहे, त्रुटियां बढ़ रही हैं।

    3. बीएलओ को फॉर्म में गलतियां पकड़ने में भारी दिक्कत आ रही है।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी है। बूथ लेवल आफिसर लोगों से एन्युमरेशन फाॅर्म भरवा रहे हैं। इस दौरान रोज नई तरह की समस्या सामने आ रही है।

    अब 2002 की मतदाता सूची से मिलान करने के बाद लोग फाॅर्म में विधानसभा नंबर और वार्ड संख्या ही गलत डाल रहे हैं। 2002 से अब तक दिल्ली में चार बार यानी 2007, 2012, 2017 और 2022 में कई इलाकों का परिसीमन हुआ है।

    इससे 2026 में कई विधानसभाओं के नंबर के साथ-साथ वार्ड संख्या भी बदली है। इससे लोगों को उनको बूथ की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

    पुराने विधानसभा के नंबर मिल रहे

    मटियालमहल विधानसभा में तैनात बीएलओ का कहना है कि चुनाव आयोग का इस ओर ध्यान नहीं गया। लोग मिलान कर रहे हैं, तो पुराने विधानसभा नंबर उन्हें मिल रहे हैं। इनको ही वह एन्युमरेशन फाॅर्म में भर रहे हैं। ऐसे कई मामले बीएलओ के पास आए हैं।

    ऐसे में लोगों का फाॅर्म गलत हो जा रहा है। ऐसी बारीक गलती पकड़ना बीएलओ के लिए भी काफी मुश्किल भरा काम है। 2002 में मटियामहल विधानसभा का नंबर 58 था लेकिन अब यानी 2026 में इस विधानसभा का नंबर 21 है।

    बीएलओ की बढ़ी दिक्कत

    कई वार्ड बढ़ने और घटने से अधिकतर वार्डों का नंबर भी बदल गया है। ऐसा दूसरी जगह भी है और लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। बूथ पर फाॅर्म भरने संबंधी जानकारी लेने आने वाले लोगों को बीएलओ बार-बार यह बात बता रहे है।

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    वार्ड नंबर बदलने से गए हैं। लोगों को बूथ ढूंढने में भी परेशानी आ रही है। लोग पहले से ही फाॅर्म भरने को लेकर जागरूक नहीं है। उन्हें एक- एक बात बतानी पड़ रही है।

    चुनाव आयोग की ओर से कई विडियो शेयर किए गए हैं। लोग उनको भी नहीं देख रहे हैं। ऐसे में इतनी छोटी- छोटी गलतियों को पकड़ना चुनौती साबित हो रहा है। क्योंकि फाॅर्म में कोई भी गलत जानकारी भर गई तो वोट कटने का खतरा रहेगा और लोग मतदान के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।

    52 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को बंटा फाॅर्म

    वैसे, एसआईआर में भौतिक सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। चुनाव कार्यालय द्वारा सोमवार को देर शाम तक दिल्ली के कुल मतदाताओं 1,45,10,298 में से 76,38,417 मतदाताओं को एसआईआर संबंधित फाॅर्म वितरित किए गए।

    इस तरह अब तक कुल 52.64 प्रतिशत मतदाताओं को फाॅर्म बांट दिए गए हैं। इसमें से 278070 यानि 1.92 प्रतिशत मतदाताओं का ऑनलाइन सत्यापन भी हो गया है।

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