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दिल्ली में यात्रियों को मिलेगी राहत, बनेंगे 3,575 नए आधुनिक बस शेल्टर

Updated: Sat, 23 May 2026 06:16 AM (IST)

दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को अब राहत मिलेगी। परिवहन विभाग 600 करोड़ रुपये की लागत से 3,575 नए आधुनिक बस क्यू शेल्टर बनाने की योजना बना रहा है, जिनमें कई सुविधाएं होंगी।

दिल्ली के यात्रियों को नहीं होगी चिलचिलाती धूप में परेशानी।

दिल्ली के यात्रियों को नहीं होगी चिलचिलाती धूप में परेशानी।

HighLights

  1. दिल्ली में 3,575 नए आधुनिक बस शेल्टर बनेंगे।

  2. परियोजना पर दिल्ली सरकार 600 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

  3. नए शेल्टर में पैनिक अलार्म, सोलर पैनल जैसी सुविधाएं।

राज्य ब्यूराे, नई दिल्ली। राजधानी में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में यात्रियों को बिना छत वाले बस स्टाप पर खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करना पड़ रहा है।

इस समस्या से निजात दिलाने के लिए परिवहन विभाग ने अब एक बड़ी योजना तैयार की है, जिसके तहत दिल्लीभर में नए बस क्यू शेल्टर बनाए जाएंगे।

3,575 नए बस शेल्टर बनाने की योजना

इस योजना पर परिवहन विभाग के अंतर्गत दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन (डीटीआइडीसी) काम कर रहा है। डीटीआइडीसी के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली भर में सभी शेल्टर को डिज़ाइन करने, रीडेवलप करने और सर्वे करने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म को हायर करने की योजना बनाई जा रही है। जिसके लिए एक टेंडर जारी किया गया है।

याेजना के मुताबिक, रीडेवलप किए जाने वाले बस शेल्टर में कई सुविधाएं होंगी, जिसमें पैनिक अलार्म सिस्टम, वेदर डिस्प्ले, सोलर पैनल और डिजिटल एडवरटाइजिंग सिस्टम का इंतजाम शामिल है।

दिल्ली में लगभग 3,575 नए बस क्यू शेल्टर लगाए जाएंगे

बस शेल्टर दिल्ली के उन सभी स्थानों पर बनेंगे जहां पर छत टूट गई है या पहले से ही यात्रियों के बैठने या धूप-वर्षा से बचने के लिए शेल्टर नहीं हैं। इस पूरी परियोजना के अंतर्गत दिल्ली में लगभग 3,575 नए आधुनिक बस क्यू शेल्टर लगाए जाएंगे। इस विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना पर दिल्ली सरकार करीब 600 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने जा रही है। जाे कंपनी इन्हें लगाएगी, वही 20 साल तक इनका रखरखाव भी करेगी।

इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए परिवहन विभाग ने प्राथमिक स्तर पर काम शुरू कर दिया है। विभाग वर्तमान में बस स्टाप की स्थिति और आवश्यकता का सटीक आकलन करने के लिए एक निजी फर्म की तलाश कर रहा है। इसके लिए बाकायदा आधिकारिक टेंडर जारी कर दिए गए हैं। चुनी गई निजी एजेंसी दिल्ली के विभिन्न रूटों का सर्वे करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद शेल्टर निर्माण का मुख्य कार्य शुरू होगा।

मुख्य बिन्दु

-बसों की कमी भी बगैर छत वाले बस स्टाप पर यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
-बसों की कमी के कारण यात्री बस स्टाप पर देर तक खड़े होने को होते हैं मजबूर
-पिछले 5 साल से योजना अस्तित्व में, आप सरकार के समय आगे नहीं बढ़ सकी योजना
-दिल्ली में कुल बसों की संख्या 6300 है
-बसों में प्रतिदिन औसतन 46 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं सफर
-दिल्ली में प्रमुख बस स्टाफ की संख्या 60000 से अधिक
-आधे से अधिक की है खराब हालत

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