ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: चीनी-अंग्रेजी वाक्य रट रहे चांदनी चौक के व्यापारी, विदेशी मेहमानों के लिए बड़ी तैयारी
दिल्ली के व्यापारी 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए उत्साहित हैं। विदेशी ...और पढ़ें
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए उत्साहित हैं व्यापारी। AI जनरेटेड
HighLights
दिल्ली के व्यापारी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए उत्साहित।
विदेशी मेहमानों के लिए चांदनी चौक सहित बाजार तैयार।
भाषा प्रशिक्षण, बहुभाषी गाइड और विशेष पकवानों की तैयारी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में खासा उत्साह है।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं और वैश्विक प्रतिनिधियों की मेजबानी के लिए राजधानी के ऐतिहासिक बाजार पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो रहे हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को चांदनी चौक सहित दिल्ली के प्राचीन बाजारों का भ्रमण कराया जाए।
विदेशी बोलियों का अभ्यास और गाइडों की तैनाती
विदेशी मेहमानों के साथ संवाद में कोई भाषा आड़े न आए, इसके लिए चांदनी चौक के कारोबारी पूरी मुस्तैदी से जुटे हैं। कोई अंग्रेजी के वाक्य याद कर रहा है, तो कोई चीनी भाषा का अभ्यास कर रहा है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल और महासचिव गुरमीत अरोड़ा के अनुसार, संगठन चार दिनों के लिए बहुभाषी गाइड भी हायर कर रहा है।
युवा पीढ़ी की मदद: कपड़ा व्यापारी सुरेश कुमार सेठ जैसे पुराने कारोबारी विदेशी खरीदारों से सहज बातचीत के लिए अपने बच्चों की मदद ले रहे हैं, जो अंग्रेजी और जर्मन भाषाओं में निपुण हैं।
कर्मचारियों का प्रशिक्षण: खान-पान के व्यवसाय से जुड़े हेमंत वर्मा ने अपने स्टाफ के लिए विशेष भाषा प्रशिक्षण सत्र आयोजित कराए हैं। वहीं, व्यापारी अभिषेक गुप्ता ने चीनी भाषा का अभ्यास किया है ताकि चीन से आने वाले प्रतिनिधियों से सीधी बात की जा सके।
विशेष 'जलेबा-रबड़ी' तैयार
व्यापारियों की नजरें इस सम्मेलन से मिलने वाले आर्थिक और सांस्कृतिक लाभ पर टिकी हैं। चांदनी चौक के प्रसिद्ध जलेबी कारोबारी रमाकांत शर्मा ने विदेशी प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष 'जलेबा-रबड़ी' तैयार की है।
व्यापारी संगठनों का मानना है कि इस दौरे से दिल्ली के थोक बाजारों-जैसे साड़ी, लहंगा, ज्वैलरी, गोटा-जरी और हस्तशिल्प-को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। शिखर सम्मेलन के माध्यम से दिल्ली का व्यापारिक वर्ग भारत की समृद्ध परंपरा और 'अतिथि देवो भव:' के भाव को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने के लिए पूरी तरह आतुर है।
