अनधिकृत कॉलोनियों में मालिकाना हक के लिए 24 अप्रैल से आवेदन शुरू, DDA ने बंद की ये प्रक्रिया
दिल्ली की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए एक इंटर-एजेंसी सेल हर कॉलोनी का लेआउट प्लान तैयार करेगा। ...और पढ़ें
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दिल्ली की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए एक इंटर-एजेंसी सेल हर कॉलोनी का लेआउट प्लान तैयार करेगा। इमेज एआई

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संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। राजधानी की 1511 अनधिकृत कॉलानियों को नियमित करने के क्रम में इनमें से हर कालोनी का लेआउट प्लान तैयार किया जाएगा। यह लेआउट प्लान एक इंटर-एजेंसी सेल द्वारा तैयार करेगा, जिसमें नगर निगम, डीडीए और दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सेल सैटेलाइट इमेजरी के जरिये सड़कों के अधिकार का भी सीमांकन करेगा करेगा।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने पीएम उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को संपत्ति का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया बंद कर दी है।
मतलब, इन कॉलोनियों में रहने वालों को अब मालिकाना हक के लिए स्वगम पोर्टल पर करना होगा आवेदन। यह पोर्टल 24 अप्रैल से शुरू होगा। एमसीडी एवं दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग मोर्चा संभालेगा। डीडीए के पास जो मामले लंबित हैं, वे भी नई प्रक्रिया में शामिल कर लिए जाएंगे।
''राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अनधिकृत कॉलोनियों में निवासियों के संपत्ति अधिकारों की मान्यता) विनियम, 2019'' में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। नई अधिसूचना के तहत इन कालोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया और शर्तों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
नियमितीकरण के लिए नई शर्तें और नियम
अधिसूचना में एक नया विनियम ''6क'' जोड़ा गया है, जो कालोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को स्पष्ट करता है:-
''जैसा है, जहां है'' का आधार : अनधिकृत कॉलोनियों को 'जैसा है, जहां है' के आधार पर नियमित किया जाएगा। यदि किसी कॉलोनी का लेआउट प्लान पहले से पास नहीं है, तो भी वह नियमितीकरण के लिए पात्र होगी।
सड़कों की चौड़ाई का नियम : नियमितीकरण के बाद यदि कोई निवासी अपने मकान का पुनर्निर्माण या पुनर्विकास करता है, तो उसे आंतरिक सड़कों के लिए छह मीटर और पहुंच सड़कों के लिए नौ मीटर की चौड़ाई सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक भूमि सरेंडर करनी होगी।
दंडात्मक शुल्क : यदि मौजूदा निर्माण दिल्ली मास्टर प्लान में निर्धारित ''तल क्षेत्रफल अनुपात'' (एफएआर) से अधिक है, तो अतिरिक्त एफएआर शुल्क का तीन गुना दंडात्मक शुल्क देना होगा।
व्यावसायिक उपयोग की अनुमति : वर्तमान में सुविधा दुकानों के रूप में उपयोग किए जा रहे भूखंडों को भी कुछ शर्तों के साथ नियमित किया जा सकेगा। यदि सड़क छह मीटर चौड़ी है तो 20 वर्ग मीटर और इससे कम चौड़ी सड़क पर 10 वर्ग मीटर तक के निर्माण की अनुमति होगी।
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नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि नियमित होने वाली कालोनियों में बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाएं प्रदान करने एवं उन्हें बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों की होगी।
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