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    दिल्ली में जल संकट की क्या है बड़ी वजह, विधानसभा में मंत्री प्रवेश वर्मा गिनाने लगे कारण

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 03:59 PM (IST)

    जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में बताया कि दिल्ली में जल प्रदूषण का मुख्य कारण पुरानी और टूटी पाइपलाइनें हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 5,200 किलोमीटर ...और पढ़ें

    प्रवेश वर्मा ने पुरानी पाइपलाइनों को बताया जल प्रदूषण की बड़ी वजह। फाइल फोटो

    प्रवेश वर्मा ने पुरानी पाइपलाइनों को बताया जल प्रदूषण की बड़ी वजह। फाइल फोटो

    HighLights

    1. दिल्ली में जल प्रदूषण की मुख्य वजह पुरानी पाइपलाइनें।

    2. 5,200 किलोमीटर पाइपलाइनें बदलने की तत्काल आवश्यकता है।

    3. सरकार ने 7,200 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, सुधार जारी।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में गंदे और दूषित पानी की शिकायतें बढ़ने के बीच जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि दिल्ली में जल प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह पूरी व्यवस्था पिछली सरकार से विरासत में मिली है, जिसमें सुधार करना आसान नहीं है। उनके अनुसार दिल्ली में लगभग 5,200 किलोमीटर पाइपलाइनें ऐसी हैं, जिन्हें बदले बिना साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना मुश्किल है।

    30-40 साल पुरानी पाइपलाइनों से सप्लाई

    मंत्री ने बताया कि दिल्ली में कुल लगभग 16,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछी हुई हैं, जिनमें से कई इलाकों में पाइपलाइनें 30 से 40 साल पुरानी हैं। इन पाइपलाइनों में जगह-जगह रिसाव है और कई जगह सीवर लाइनें इनके साथ मिल जा रही हैं, जिसके कारण पानी दूषित होकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि राजधानी के कई हिस्सों में बार-बार गंदे पानी की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

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    7200 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

    प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार ने पिछले 11 महीनों में जल विभाग से जुड़े 7,200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का लक्ष्य पुरानी पाइपलाइनों को बदलना, पानी का सही वितरण करना और नई तकनीक के जरिए 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि राजधानी के करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों में पुरानी पाइपलाइनों को बदलने का काम पहले ही शुरू हो चुका है, जबकि बाकी इलाकों में भी जल्द ही काम शुरू होगा।

    पिछली सरकार को घेरा

    मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान जाइका और एडीबी जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों तक लटकी रहीं। उनके अनुसार यदि ये प्रोजेक्ट समय पर शुरू हो जाते, तो आज दिल्ली में जलदूषण की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने इन योजनाओं को दोबारा शुरू किया है और अब काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

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    साफ जल, सरकार की पहली प्राथमिकता 

    प्रवेश वर्मा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही दिल्लीवासी बदलाव महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि पुरानी जल व्यवस्था को सुधारने में समय लगेगा, लेकिन सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि लोगों को साफ पानी मिले। वर्मा ने यह भी कहा कि जलदूषण पर नियंत्रण करना सरकार की पहली प्राथमिकता है और आने वाले समय में गंदे पानी की शिकायतों में कमी देखने को मिलेगी।

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