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    दिल्ली में पानी की किल्लत से निपटने की तैयारी तेज, 520 नए ट्यूबवेल लगाए और 172 किमी पाइपलाइन बदली

    Updated: Tue, 05 May 2026 10:24 AM (IST)

    दिल्ली जल बोर्ड ने गर्मी में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 520 अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाए हैं और टैंकरों की संख्या बढ़ाई है। मुख्यमंत्री की समीक्ष ...और पढ़ें

    पानी की उपलब्धता बढ़ाने को लगाए गए 520 अतिरिक्त ट्यूबवेल। (AI Generated Image)

    पानी की उपलब्धता बढ़ाने को लगाए गए 520 अतिरिक्त ट्यूबवेल। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. गर्मी में पानी की आपूर्ति हेतु 520 नए ट्यूबवेल लगे।

    2. टैंकरों की संख्या बढ़कर 1210 हुई, 13000 स्थानों पर आपूर्ति।

    3. शिकायत निवारण के लिए 24x7 हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। गर्मी में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना जल बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती रहती है। प्रत्येक वर्ष कई क्षेत्रों में लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ता है। मांग के अनुरूप जल की उपलब्धता नहीं बढ़ती है। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से रिसाव से पानी की बर्बादी भी होती है। जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए 520 अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाए गए हैं और वर्ष 2025-26 में 172 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन को बदला गया है।

    पिछले माह में दिल्ली जल बोर्ड ने समर एक्शन प्लान घोषित किया था। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जल मंत्री प्रवेश वर्मा, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ जल प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने जल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लापरवाही करने पर अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्यूबवेल की संख्या 5834 से बढ़ाकर 6200 कर दी गई है।

    टैंकर से होगी सप्लाई

    पानी की कमी वाले क्षेत्रों में टैंकर से पानी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए टैंकरों की संख्या 1166 से बढ़ाकर 1210 की गई है। 100 अतिरिक्त टैंकर रखे गए हैं जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग हो सके। 8700 की जगह अब 13000 स्थानों पर टैंकर उपलब्ध होंगे। टैंकर फिलिंग स्टेशन की संख्या 198 से बढ़ाकर 202 कर दी गई है। 100 टैंकर भी तैयार रखे गए हैं। संगम विहार, मटियाला, छतरपुर, देवली, तुगलकाबाद, पालम, बिजवासन और बावाना जैसे विधानसभा क्षेत्रों में अधिक टैंकर लगाए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि दिल्ली के सभी जल शोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) सोनिया विहार, भागीरथी, चंद्रावल, वजीराबाद, हैदरपुर, नांगलोई, ओखला, बावाना और द्वारका से अधिकतम पानी मिल सके इसके लिए आवश्यकत कदम उठाए जा रहे हैं। हरियाणा के साथ समन्वय स्थापित कर कच्चे पानी में अमोनिया स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी, कालोनीवार जल आपूर्ति का समय, टैंकरों का रूट प्लान और संसाधनों आदि की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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    हेल्पलाइन नंबर जारी

    शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करते हुए 24x7 हेल्पलाइन (1916 और 1800117118) संचालित की जा रही है। दर्ज शिकायतें सीधे संबंधित जूनियर इंजीनियर को भेजी जाती हैं। सभी शिकायतों का 100 प्रतिशत फीडबैक लिया जाता है। इसके अलावा, सेंट्रल कंट्रोल रूम और चैटबाट आधारित प्रणाली भी शुरू की गई है। विभिन्न क्षेत्रों में पीपीपी मोड पर विशेष कॉल सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं। पूरे शहर में 28 जल आपातकालीन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो रणनीतिक स्थानों पर स्थित हैं और 24 घंटे कार्यरत रहते हैं।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को द्वारका स्थित दूसरे 50 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र और बवाना डब्ल्यूटीपी में 2 एमजीडी क्षमता के रीसाइक्लिंग संयंत्र को शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया।

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