दिल्ली वालों को जलभराव से मिलेगी मुक्ति, सरकार ने 610 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी
दिल्ली सरकार ने जलभराव की दशकों पुरानी समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 के बजट में इसे जड़ से खत्म करने का संक ...और पढ़ें
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दिल्ली को जलभराव से मुक्ति देने के लिए बजट में खास प्रावधान।
HighLights
दिल्ली में जलभराव समस्या के समाधान हेतु सरकार प्रतिबद्ध।
एमबी रोड पर 387 करोड़ का ड्रेन निर्माण स्वीकृत।
सिंचाई विभाग को 610 करोड़ का बजट आवंटित।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में जलभराव की समस्या दशकों पुरानी है। 50 वर्ष से अधिक पुराने ड्रेनेज सिस्टम और अपर्याप्त नालों के कारण हर बरसात में शहर की सड़कें तालाब बन जाती हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 के बजट में इस समस्या को जड़ से खत्म करने का संकल्प लेते हुए कहा कि अब दिल्ली डूबेगी नहीं, उबरेगी।
इसी यरेजना के तहत पांच विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव से राहत दिलाने के लिए एमबी रोड पर 387 करोड़ की लागत से ड्रेन निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। 2026-27 में इस कार्य के लिए 50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग विभाग द्वारा 200 करोड़ के अतिरिक्त राशि खर्च कर जलभराव समाप्त करने के लिए अन्य परियोजनाएं शुरू की जाएगी।
4.50 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन के निर्माण को मंजूरी
पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई विधानसभा क्षेत्रों की जल-निकासी समस्या के समाधान के लिए रेलवे लाइन के समानांतर 221 करोड़ की लागत से 4.50 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना उन इलाकों के लिए राहत की सांस लेकर आएगी जो वर्षों से बरसात में परेशान होते आए हैं। इस वर्ष तैमूर नगर, कैलाश नगर, किराड़ी और बवाना जैसे क्षेत्रों में नालों का पुनर्विकास किया जाएगा।
बाढ़ रोकने के लिए दीवार का भी प्रस्ताव
सरकार ने इस साल 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाकर यमुना के ऐतिहासिक जलस्तर पर भी सुरक्षित प्रवाह सुनिश्चित किया है। पुराने रेलवे पुल से मजनू का टीला तक यमुना किनारे बाढ़ रोकने के लिए दीवार का भी प्रस्ताव इस बजट में है, जो एक महत्वपूर्ण योजना साबित होगी।
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इसी तरह लोहे के पुल से सराय काले खां तक यमुना पुस्ता को मजबूत किया जाएगा। इस तरह के कार्यों के लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए 610 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।
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