दिल्ली में जलभराव वाले स्थान 169 से घटकर हुए 65, मानसून में ट्रैफिक जाम से मिली राहत
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव वाले स्थानों की संख्या 169 से घटकर 65 हो गई है, जिससे बारिश में ट्रैफिक जाम की समस्या कम हुई है। ...और पढ़ें

दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव वाले स्थानों की संख्या 169 से घटकर 65 हो गई है
HighLights
दिल्ली में जलभराव के स्थान 169 से घटकर 65 हुए।
जलभराव कम होने से मानसून में ट्रैफिक जाम घटा।
उपराज्यपाल ने ट्रैफिक प्रबंधन की समीक्षा कर निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मानसून के दौरान दिल्ली में जलभराव वाले स्थानों की संख्या में बड़ी कमी आई है। इस वर्ष ऐसे स्थान 169 से घटकर 65 रह गए हैं। जलभराव के स्थान कम होने का असर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पड़ा है और इससे वर्षा के दौरान जाम से जुड़ी समस्याओं में कमी आई है।
शुक्रवार को उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ट्रैफिक प्रबंधन और यातायात नियमों के पालन की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मानसून, कांवड़ यात्रा और आगामी स्वतंत्रता दिवस को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपराज्यपाल ने जलभराव वाले स्थानों की संख्या में आई कमी पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने बताया कि इस मानसून सीजन में जलभराव के लिहाज से चिन्हित स्थानों की संख्या 169 से घटकर 65 हो गई है। इससे वर्षा के दौरान सड़कों पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित होने और यातायात बाधित होने की घटनाओं में भी कमी आई है।
बैठक में बताया गया कि ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने में नागरिकों की भागीदारी वाले प्रोजेक्ट संगम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके तहत ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान पर काम किया जा रहा है।
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बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में पिछले साल की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों में अब तक 2,321 एफआइआर भी दर्ज की जा चुकी हैं।
इसके अलावा अनाधिकृत पार्किंग के खिलाफ भी अभियान तेज किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यातायात व्यवस्था में बाधा बनने वाले वाहनों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाए।
उपराज्यपाल ने कहा कि सड़कों पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और जनता का सहयोग ट्रैफिक जाम, यातायात नियमों के उल्लंघन और अतिक्रमण जैसी समस्याओं से निपटने में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, व्यवस्थित और परेशानी-मुक्त यात्रा का अधिकार है। इसे सुनिश्चित करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मानसून के साथ-साथ कांवड़ यात्रा और स्वतंत्रता दिवस के दौरान संभावित यातायात दबाव को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।