दिल्ली में मौसम ने क्यों लिया यू-टर्न? एक घंटे में ही 10°C तक गिरा पारा, जलवायु असंतुलन के संकेत
राजधानी दिल्ली में अचानक मौसम ने करवट ली, जहां तेज आंधी और बारिश से एक घंटे में तापमान में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ ...और पढ़ें
HighLights
एक घंटे में दिल्ली का तापमान 10 डिग्री गिरा।
'दुर्लभ' पश्चिमी विक्षोभ बना अचानक बदलाव का कारण।
विशेषज्ञों ने इसे जलवायु असंतुलन का संकेत बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया है। तेज आंधी, बादल और बारिश के साथ महज एक घंटे के भीतर तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम का यह तेज बदलाव सामान्य नहीं माना जा रहा है और इसके पीछे एक ‘दुर्लभ’ पश्चिमी विक्षोभ को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ अपनी संरचना और प्रभाव के लिहाज से अलग है। इसकी ट्रफ (कम दबाव की रेखा) लंबी दूरी तक फैली हुई है, जिससे मौसम में अचानक और तेज बदलाव देखने को मिला।

इसी वजह से राजधानी में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और धूल भरी आंधी की स्थिति बनी।
जलवायु असंतुलन की ओर इशारा
दिल्लीवासियों को दोपहर तक जहां तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा था, वहीं शाम होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया। कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ झुक गए और यातायात भी प्रभावित हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अचानक मौसम परिवर्तन जलवायु असंतुलन की ओर भी इशारा करते हैं। आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
इसबीच स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने बताया, 'पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू और कश्मीर के ऊपर स्थित है। यही कारण है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है।'
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मार्च के पहले महीने में रही असामान्य गर्मी
उन्होंने कहा, 'इसी बीच, हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में वर्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि पहले के पूर्वानुमानों में अधिक वर्षा की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब यह प्रणाली देश के पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ रही है।

ऐसे में हालात मौजूदा स्थिति के समान ही रहने की संभावना है। पलावत ने यह भी कहा, 'प्री-मानसून गतिविधि सामान्य से पहले ही शुरू हो गई है। आमतौर पर यह मार्च के अंत में शुरू होती है, लेकिन इस बार यह जल्दी शुरू हो गई है क्योंकि मार्च के पहले 10 दिनों में असामान्य रूप से उच्च तापमान दर्ज किया गया।
झमाझम बरस रहे बदरा
दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग में गुरुवार 19 मार्च तक औसतन 9.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य मासिक औसत 12.6 मिमी है। पिछली बार मार्च में इससे अधिक वर्षा 2023 में दर्ज की गई थी, जब मासिक कुल वर्षा 50.4 मिमी थी, जो मौजूदा वर्षा की तीव्रता को रेखांकित करती है।
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए दिल्ली समेत एनसीआर के कई शहरों के लिए येलो अर्ट भी जारी किया है।
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