सर्दियों में प्रदूषण पर 24 घंटे पहरा, दिल्ली के 48 हॉटस्पॉट पर चलेगा विशेष अभियान
दिल्ली ने आगामी सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक योजना बनाई है, जिसमें 39 उपमंडलों और 250 से अधिक ...और पढ़ें

दिल्ली और एनसीआर की हवा बिगड़ने से पहले ही प्रदूषण के स्रोतों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है।
HighLights
दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण पर 24 घंटे निगरानी।
39 उपमंडलों और 250 से अधिक वार्डों में टीमें।
48 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष प्रवर्तन अभियान।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सर्दियों में दिल्ली और एनसीआर की हवा बिगड़ने से पहले ही प्रदूषण के स्रोतों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली में 39 उपमंडलों और 250 से अधिक वार्डों में निगरानी का तंत्र मजबूत किया जाएगा। 78 विशेष उपमंडलीय टीमें और 256 वार्ड-स्तरीय टीमें 24 घंटे प्रदूषण के स्रोतों पर नजर रखेंगी। वहीं, 48 प्रदूषण हाटस्पाट पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।
आगामी सर्दियों की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक में दिल्ली और एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधारने के उपायों की समीक्षा की गई। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक प्रदूषण नियंत्रण, जनजागरूकता और प्रवर्तन की रणनीति पर चर्चा हुई। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा समेत पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
रात में भी होगा निरीक्षण
दिल्ली सरकार की रणनीति इस बार प्रदूषण के स्रोत की जल्द पहचान और तत्काल कार्रवाई पर केंद्रित रहेगी। 39 उपमंडलों में बनाई गई 78 विशेष टीमों में दो-दो सदस्य होंगे। इनका नेतृत्व दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के सहायक या कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता स्तर के अधिकारी करेंगे। ये टीमें दिन के साथ रात में भी निरीक्षण करेंगी।
इनकी निगरानी के दायरे में पराली और जैव ईंधन जलाना, निर्माण एवं तोड़फोड़ से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक प्रदूषण, गैर-अनुमोदित ईंधन का इस्तेमाल और निर्माण-विध्वंस कचरे की अवैध डंपिंग शामिल होगी। निर्माण गतिविधियों को डस्ट पोर्टल के दायरे में लाने और जनरेटर सेट से जुड़े वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के पालन की भी जांच होगी।
वार्ड स्तर पर भी कड़ी निगरानी
जमीनी स्तर पर 256 वार्ड टीमें तैनात रहेंगी। इनमें 250 टीमें नगर निगम दिल्ली, चार नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दो दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के लिए होंगी। ये टीमें स्थानीय शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ ग्रीन दिल्ली और 311 ऐप पर मिलने वाली शिकायतों का समयबद्ध निपटारा भी सुनिश्चित करेंगी।
48 हॉटस्पॉट पर औद्योगिक इकाइयों पर नजर
प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील 48 गैर-अनुरूप क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारियों की निगरानी में इन इलाकों में अनधिकृत और प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मेटल कास्टिंग, पाउडर कोटिंग, बफिंग-पालिशिंग, प्लास्टिक कचरे के पुनर्प्रसंस्करण, स्प्रे पेंटिंग और हीट-ट्रीटमेंट जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रहेगी। गैर-अनुमोदित ईंधन का इस्तेमाल करने वाली इकाइयां भी कार्रवाई के दायरे में होंगी।
