दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नहीं चल सकेंगे कांवड़िए, पुलिस ने बढ़ाई सख्ती; क्या है वैकल्पिक रास्ता?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ मार्ग में शामिल नहीं किया गया है, जिस पर बाइक और ऑटो प्रतिबंधित हैं। कांवड़ियों को अन्य मार्गों से भेजा जा रहा ह ...और पढ़ें

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ मार्ग में शामिल नहीं किया गया है। इमेज एआई
HighLights
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ मार्ग में शामिल नहीं।
एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो प्रतिबंधित, 40 चालान हुए।
कांवड़ियों की सुरक्षा हेतु पुलिस अन्य मार्गों पर तैनात।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। सावन शुरू होते ही दिल्ली में कावड़िए आने शुरू हो गए हैं। बृहस्पतिवार को हरियाणा व राजस्थान के कांवड़िए जल लेकर दिल्ली पहुंचने शुरू हो गए हैं। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ मार्ग में शामिल नहीं किया गया है। इस एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड पर बाइक, रिक्शा व आटो प्रतिबंधित है। यहां वाहनों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा है।
पिछले दो दिनों में दिल्ली यातायात पुलिस ने प्रतिबंधित वाहनों के 40 चालान किए हैं। भजनपुरा के सर्किल इंस्पेक्टर विकास कुमार की टीम एलिवेटेड रोड के निकासी व प्रवेश प्वाइंट पर तैनात की गई है। पूर्वी रेंज के जिला पुलिस उपायुक्त के रमेश ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे दिल्ली से सीधा देहरादून जाता है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड़ की पुलिस ने मिलकर तय किया है कि यह एक्सप्रेसवे को कांवड़ मार्ग में शामिल न किया जाए। एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड पर बाइक, आटो व ई-रिक्शों को चलने नहीं दिया जा रहा है। कांवड़ियों को भी दूसरे मार्गों से भेजा जा रहा है। उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात हुई है। उन्होंने कहा कि शाहदरा जीटी रोड, वजीराबाद रोड, एनएच-नौ कांवड़ मार्ग है। यहां भी पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाल रहे हैं।
शिविर में पहुंचने लगे कांवडिए
सीलमपुर स्थित कांवड़ शिविर में कांवड़िए पहुंचने शुरू हो गए हैं। चैयरमेन कैलाश जैन ने कहा कि शिविर में पहले दिन 50- 60 भोले कावड़ लेकर आए हैं। शिविर में भोले के भक्तों के लिए बेहतर तरीके से व्यवस्था की गई है। उन्होंने यहां विश्राम किया और प्रसाद लिया। इस मौके पर महामंत्री अशोक मित्तल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश मित्तल मौजूद रहे।