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    दिल्ली-NCR में 157 मॉनिटरिंग स्टेशन पकड़ेंगे Pollution की जड़, प्रदूषण नियंत्रण के लिए CAQM का फ्यूचर प्लान

    Updated: Tue, 10 Feb 2026 05:21 PM (IST)

    दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की निगरानी मजबूत करने के लिए CAQM कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) नेटवर्क का विस्तार कर रहा ...और पढ़ें

    दिल्ली एनसीआर में एयर क्वाॅलिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों को संख्या बढ़ा रहा है CAQM। फोटो: आर्काइव

    दिल्ली एनसीआर में एयर क्वाॅलिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों को संख्या बढ़ा रहा है CAQM। फोटो: आर्काइव

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    संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की सटीक और रियल-टाइम निगरानी को मजबूत करने के लिए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है।

    इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय कवरेज बढ़ाना, डेटा की विश्वसनीयता सुधारना और वैज्ञानिक आधार पर प्रदूषण नियंत्रण नीतियों को प्रभावी बनाना है। Commission for Air Quality Management (CAQM) की ओर से दिल्ली-एनसीआर में 27 नए CAAQMS की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की जा रही है।

    ये स्टेशन मौजूदा 84 स्टेशनों के अतिरिक्त हैं। नए स्टेशनों में से दिल्ली में 6 स्टेशन स्थापित हो चुके हैं, जबकि हरियाणा (एनसीआर) में 7, राजस्थान (एनसीआर) में 4 और उत्तर प्रदेश (एनसीआर) में 10 स्टेशन स्थापना प्रक्रिया में हैं।

    वैज्ञानिक आधार पर होगा भविष्य का विस्तार

    CAQM ने भविष्य में नेटवर्क विस्तार के लिए वैज्ञानिक मानदंडों पर भी विस्तार से विचार किया। इसमें जनसंख्या वितरण, भूमि उपयोग (आवासीय, यातायात, औद्योगिक और बैकग्राउंड क्षेत्र), शहरी निरंतरता और तेजी से बढ़ते परि-शहरी/उपनगरीय क्षेत्रों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया।

    साथ ही, ग्रिड-आधारित कवरेज और बॉर्डर व बैकग्राउंड स्टेशनों की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया, ताकि प्रदूषकों के क्षेत्रीय आवागमन और बेसलाइन वायु गुणवत्ता को बेहतर समझा जा सके।

    नई स्थापना के मानक

    दिल्ली और सटे प्रमुख शहरों (गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत आदि) में हर 25 वर्ग किलोमीटर (5×5 किमी ग्रिड) पर एक स्टेशन। अन्य जिला मुख्यालयों और शहरों में हर 50 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन।

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    शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में निगरानी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है, ताकि शहरी फैलाव का क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता पर प्रभाव समझा जा सके।

    46 और स्टेशन प्रस्तावित

    इन मानदंडों के आधार पर 46 अतिरिक्त CAAQMS की आवश्यकता चिह्नित की गई है:-

    • दिल्ली: 14
    • हरियाणा (एनसीआर): 16
    • राजस्थान (एनसीआर): 1
    • उत्तर प्रदेश (एनसीआर): 15

    इनके जुड़ने के बाद दिल्ली-एनसीआर में कुल CAAQMS की संख्या 157 हो जाएगी, जिनमें दिल्ली में 60, हरियाणा (एनसीआर) में 45, राजस्थान (एनसीआर) में 9 और उत्तर प्रदेश (एनसीआर) में 43 स्टेशन शामिल होंगे।

    CAQM ने दोहराया कि घना और मजबूत निगरानी नेटवर्क प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, रुझानों की निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई के लिए अत्यंत आवश्यक है। चल रहे और प्रस्तावित विस्तार से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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