विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली-NCR में 2 दिन ऑटो-टैक्सी चालकों की हड़ताल का एलान, ये हैं 9 प्रमुख मांगें

Published: Sat, 29 Aug 2026 11:04 AM (IST)

दिल्ली-एनसीआर में 7 और 8 सितंबर को ऑटो-टैक्सी चालकों ने दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल ...और पढ़ें

7 और 8 सितंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया। AI जनरेटेड

7 और 8 सितंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया। AI जनरेटेड

HighLights

  1. दिल्ली-एनसीआर में 7-8 सितंबर को ऑटो-टैक्सी हड़ताल।

  2. चालकों की मुख्य मांगें: किराया वृद्धि, सुरक्षा, सीएनजी मूल्य नियंत्रण।

  3. ओला, उबर, रैपिडो पर निजी वाहनों के उपयोग पर रोक।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को आने वाले दिनों में आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

दिल्ली एवं एनसीआर के ऑटो-टैक्सी चालकों की मांगों, सुरक्षा और आजीविका से जुड़े मुद्दों को लेकर ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस प्रकोष्ठ ने आगामी 7 और 8 सितंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया है।

संगठन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने जारी बयान में बताया कि सोमवार को इस संबंध में उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त और दिल्ली पुलिस आयुक्त को औपचारिक सूचना पत्र सौंपा जाएगा।

सीएनजी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई मुश्किलें

संगठन का कहना है कि सीएनजी की कीमतों में हालिया वृद्धि के बाद दिल्ली में इसके दाम 87 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं। पिछले तीन महीनों में सीएनजी पर करीब 10 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही वाहन का रखरखाव, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और किश्तें महंगी होने से चालकों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है, जबकि लंबे समय से किराए में संशोधन नहीं किया गया है।

संगठन की 9 मुख्य मांगें

  • किराए में वृद्धि: सीएनजी और महंगाई के अनुपात में ऑटो-टैक्सी के किराए में तत्काल न्यायोचित बढ़ोतरी की जाए।
  • निजी वाहनों पर रोक: ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफार्म पर निजी (सफेद प्लेट) कारों व मोटरसाइकिलों के व्यावसायिक उपयोग की जांच कर कड़ी कार्रवाई हो।
  • विशेष भूल सुधार अभियान: परमिट, आरसी, फिटनेस और लाइसेंस में वर्तनी या सरनेम से जुड़ी छोटी गलतियों को सुधारने के लिए परिवहन विभाग अभियान चलाए।
  •  फोटो चालान की समीक्षा: मोबाइल से खींची गई तस्वीरों के आधार पर होने वाले चालानों की समीक्षा हो और चालकों को अपना पक्ष रखने का मौका मिले।
  • ई-रिक्शा का नियमन: प्रतिबंधित सड़कों पर ई-रिक्शा संचालन से जुड़े नियमों का पारदर्शी व प्रभावी पालन सुनिश्चित कराया जाए।
  • ईवी नीति पर पुनर्विचार: एक जनवरी 2027 से सीएनजी ऑटो के नए पंजीकरण पर रोक लगाने के निर्णय पर चालक यूनियनों से विचार-विमर्श के बाद ही फैसला लिया जाए।

वेलफेयर बोर्ड का गठन

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ऑटो-टैक्सी वेलफेयर बोर्ड का तुरंत गठन हो।

  • मृतक चालक के परिवार को न्याय: 23 जुलाई को कृष्णा नगर में मारे गए रैपिडो कैप्टन विजय कुमार वाल्मीकि के परिवार को आर्थिक सहायता और चालकों की सुरक्षा के लिए ठोस 'ड्राइवर सेफ्टी मैकेनिज्म' लागू हो।
  • एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 का क्रियान्वयन: केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को लागू कर ऐप-आधारित कंपनियों की मनमानी, कमीशन, आईडी ब्लॉकिंग और शिकायतों के समाधान के लिए पारदर्शी तंत्र बने।

यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन ने सात सितंबर से पूर्व मांगों पर संज्ञान लेकर प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के माध्यम से समाधान नहीं निकाला, तो चालक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से दो दिवसीय हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

यह भी पढ़ें- दिल्ली व रांची के बाद बिहार के समस्तीपुर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, KSR कॉलेज बचाने की मांग