दिल्ली में नया कानून: जमीन के साथ अब हवा और गहराई का भी मिलेगा अलग मालिकाना हक
दिल्ली में मास्टर प्लान-2047 के तहत 'थ्री डी लेयर्ड राइट्स' कानून लागू होगा, जिससे जमीन की कमी दूर होगी। यह ...और पढ़ें

दिल्ली में मास्टर प्लान 2047 के तहत जमीन की मालिकाना हक को लेकर एक बिल्कुल नया कानून लाया जा रहा है। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
एक ही जगह की जमीन, बेसमेंट और हवा अलग-अलग बिकेगी।
मेट्रो स्टेशनों और चौड़ी सड़कों पर हवा में बनेंगे बाजार।
जमीन के नीचे खाली जगह का उपयोग पार्किंग और टनल में।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली में जमीन की कमी को दूर करने के लिए मास्टर प्लान -2047 में एक बिल्कुल नया कानून लाया जा रहा है, जिसे 'थ्री डी लेयर्ड राइट्स' (तीन-परत का अधिकार नियम) नाम दिया गया है। अभी तक जब कोई जमीन खरीदी जाती थी या सरकारी होती थी, तो उसका अधिकार केवल सतह (जमीन के टुकड़े) पर माना जाता था।
लेकिन नया नियम के लागू होने के बाद एक ही जमीन के टुकड़े की सतह, उसके नीचे की गहराई और उसके ऊपर की हवा- इन तीनों के मालिकाना हक या लीज अलग-अलग लोगों या कंपनियों को दिए जा सकेंगे।
इसे एक सड़क या पार्क के उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। सड़क या पार्क का ऊपरी हिस्सा नगर निगम अथवा सरकार के पास रहेगा, जिस पर आम लोग चलेंगे या गाड़ियां चलेंगी।
उसी सड़क के 20-30 फ़ीट नीचे का हिस्सा मेट्रो टनल, गाड़ियों की भूमिगत पार्किंग या बाजार बनाने के लिए किसी प्राइवेट कंपनी को लीज पर दे दिया जाएगा। उसी सड़क के ऊपर हवा में (15 मीटर की ऊंचाई पर) दो इमारतों को जोड़ने वाला स्काईवाक, शापिंग प्लाज़ा या एयर-ब्रिज बनाने का अधिकार किसी बिल्डर को बेच दिया जाएगा।
आम जनता और दिल्ली को क्या फायदा होगा
सरकारी एजेंसियों की कमाई : डीडीए और मेट्रो जैसी एजेंसियां बिना अपनी ज़मीन बेचे, केवल ऊपर की हवा या नीचे की गहराई को बेचकर मोटा राजस्व जुटा सकेंगी।
जगह की बचत : सड़कों और मेट्रो स्टेशनों के ऊपर- नीचे खाली पड़ी जगह का पूरा इस्तेमाल हो सकेगा, जिससे बाजार और पार्किंग बनाने के लिए अलग से जमीन की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव : भविष्य में जब प्रापर्टी की रजिस्ट्री होगी, तो उसमें ज़मीन के क्षेत्रफल (गज या वर्ग मीटर) के साथ-साथ यह भी लिखा होगा कि आप हवा में कितनी ऊंचाई और जमीन के नीचे कितनी गहराई तक के मालिक हैं।
थ्री डी लेयर्ड राइट्स : चार मुख्य बातें
-तीन हिस्सों में बंटेगा अधिकार : एक ही जगह की जमीन, नीचे की बेसमेंट और ऊपर की हवा अलग-अलग बिक सकेगी।
-हवा में बनेंगे बाजार : मेट्रो स्टेशनों और चौड़ी सड़कों के ठीक ऊपर हवा में स्काईवाक और दुकानें बनेंगी।
-नीचे बनेगी पार्किंग : ज़मीन के नीचे खाली जगह का इस्तेमाल पार्किंग और टनल बनाने में होगा।
-नया रजिस्ट्री सिस्टम : प्रापर्टी के कागजों में अब ऊंचाई और गहराई के कड़े नियम लिखे जाएंगे।
