विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली को संवारने के लिए अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का ही इंतजार क्यों? रखरखाव न होने से दोबारा करोड़ों हो रहे खर्च

Published: Thu, 10 Sep 2026 06:45 AM (IST)

ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली को फिर से सजाया गया है, जिससे यह सवाल उठा है कि सामान्य दिनों में ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली को फिर से सजाकर तैयार किया गया।

  2. जी-20 के सौंदर्यीकरण का नियमित रखरखाव नहीं किया गया।

  3. सामान्य दिनों में भी राजधानी में ऐसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन के लिए राजधानी दिल्ली को एक बार फिर सजाकर तैयार किया गया है। सड़कों को गड्ढामुक्त करने से लेकर फुटपाथ और साइनेज दुरुस्त करने, फव्वारों की सफाई, फूलों के गमले लगाने और लाइटिंग तक की व्यवस्था की गई है। प्रमुख मार्गों से गुजरने पर दिल्ली का बदला हुआ स्वरूप दिखाई दे रहा है।

ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकती हैं तो सामान्य दिनों में क्यों नहीं। लोगों के बीच चर्चा है कि काश दिल्ली में बार-बार जी-20 और ब्रिक्स जैसे आयोजन हों, तभी राजधानी इसी तरह सजी-संवरी नजर आए।

राजधानी में बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास

राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान राजधानी में बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास हुआ था। इसके बाद 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया गया। सड़कों, फुटपाथ और हरित पट्टियों से लेकर फव्वारों, मूर्तियों और रोशनी तक पर बड़े पैमाने पर काम हुआ। लेकिन आयोजन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे वही पुरानी स्थिति लौटती गई।

जी-20 के दौरान लगाए गए फव्वारों में बाद में काई जम गई थी। ब्रिक्स से पहले इनकी सफाई कराई गई है। वहीं, करीब 6.75 लाख गमलों की व्यवस्था की गई थी। इनमें से बड़ी संख्या में गमले चोरी हो गए या बेहतर रखरखाव नहीं होने के कारण उन्हें विभाग की नर्सरियों में वापस रख दिया गया।

देखरेख नहीं होने से इनमें से कई गमले कबाड़ में बदल गए

समय पर देखरेख नहीं होने से इनमें से कई गमले कबाड़ में बदल गए। सड़कें भी कुछ समय बाद खराब होने लगीं। आयोजन के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों और आयोजन स्थलों से हटाए गए आवारा कुत्ते और बेसहारा पशु भी बाद में फिर उन्हीं इलाकों में दिखाई देने लगे।

जी-20 के दौरान करीब 66 प्रमुख सड़कों का कायाकल्प किया गया था। करीब 6.75 लाख गमले लगाए गए, करीब नौ लाख पौधे लगाने की योजना थी, 2200 पेड़ों पर फूलों की सजावट की गई और 125 फव्वारे तथा 70 से अधिक बड़ी मूर्तियां लगाई गई थीं। प्रमुख मार्गों पर करीब 730 लैंप पोस्ट सजाए गए और दीवारों पर म्यूरल बनाए गए।

अतिक्रमण हटाने और जलभराव रोकने की भी विशेष व्यवस्था

सफाई, अतिक्रमण हटाने और जलभराव रोकने की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। यूनाइटेड रेजिडेंट ज्वाइंट एक्शन के अध्यक्ष अतुल गोयल कहते हैं कि बड़े आयोजनों के लिए जिस स्तर पर तैयारियां की जाती हैं, वैसी व्यवस्था राजधानी में सामान्य दिनों में भी होनी चाहिए। दिल्ली देश की राजधानी है। किसी विदेशी प्रतिनिधि या राष्ट्राध्यक्ष के आने की सूचना मिलने पर आनन-फानन में करोड़ों रुपये खर्च कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।

दुखद यह है कि हर बड़े आयोजन से पहले फिर पैसा खर्च किया जाता है। ब्रिक्स सम्मेलन खत्म होने के बाद स्थिति क्या होगी, यह सभी जानते हैं। यदि जी-20 के दौरान किए गए सुंदरीकरण का नियमित रखरखाव किया जाता तो दोबारा इतना खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन की रिहर्सल से ट्रैफिक प्रभावित, दिनभर जाम से जूझते रहे लोग