Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में करोड़ों की संपत्ति का खेल, अवैध निर्माण और काले धन का ठिकाना

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 04:37 AM (IST)

    दिल्ली में सैदुलाजाब जैसी 69 अनधिकृत कॉलोनियों में अवैध निर्माण और कानूनी मालिकाना हक न होने के बावजूद करोड़ों की संपत्तियां बिक रही हैं। इन कॉलोनियों ...और पढ़ें

    सैजुलाजाब जैसी 69 ऐसी संभ्रांत कॉलोनियां हैं जिन्हें सरकार नियमित नहीं करना चाहती है।

    सैजुलाजाब जैसी 69 ऐसी संभ्रांत कॉलोनियां हैं जिन्हें सरकार नियमित नहीं करना चाहती है।

    HighLights

    1. सरकार 69 संभ्रांत कॉलोनियों को नियमित नहीं करना चाहती है।

    2. अवैध निर्माण के बावजूद करोड़ों में बिकती हैं यहां संपत्तियां।

    3. सैदुलाजाब घटना ने असुरक्षित निर्माण के खतरों को उजागर किया।

    निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सैदुलाजाब में जहां छह लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने की घटना दिल्ली में अवैध निर्माण की कलई तो खोल दी है लेकिन हैरानी की बात है कि सैजुलाजाब जैसी 69 ऐसी संभ्रांत कॉलोनियां हैं जिन्हें सरकार नियमित नहीं करना चाहती है।

    फिर भी यहां पर करोड़ों रुपये में संपत्तियों की खरीद फरोख्त केवल जनरल पावर आर्टनी पर हो रही है। जिससे कोई मालिकाने का कानूनी अधिकार तक नहीं मिलता है। फिर भी लोग यहां संपत्तियां खरीदते हैं। 100 वर्ग मीटर के फ्लैट की कीमत यहां पर 80 लाख से डेढ़ करोड़ तक हैं।

    चूंकि समय के साथ इन कॉलोनियों में आवास के साथ व्यापार की बढ़ी तेजी से बढ़ता है इसलिए लोग काले धन को ठिकाने लगाने के लिए भी यहां पर संपत्ति खरीदते हैं और फिर वहां पर कोचिंग और आफिस खोलकर काले धन को सफेद करने का कार्य करते हैं।

    दिल्ली की 69 इन कॉलोनियों को संभ्रात कालोनी इसलिए भी कहां जाता है कि क्योंकि सरकार की नीति तो केवल जरुरतमंद और गरीबों को राहत देने की है। इसलिए पीएम उदय के तहत 1500 के करीब कालोनियों को जैसा है वैसे के आधार पर नियमित कर दिया गया। लेकिन, उस नियमतीकरण से इन 69 कालोनियों को बाहर रखा गया है।

    खबरें और भी

    इसके लिए भी गेट पर एमसीडी ने गार्ड तैनात कर रखें

    क्योंकि अधिकारी मानते हैं कि यह कॉलोनी गरीब तबके द्वारा नहीं बल्कि पैसे वाले संभ्रात लोगों ने बसा रखी हैं। जहां पर करोड़ों रुपये का किराया आता है। इसमें सैनिक फार्म जैसी बढ़ी नामी कॉलोनी है। बताया जाता है कि यहां पर बड़े-बड़े व्यवसायी और प्रभावशाली पेशे से जुड़े लोंगी की संपत्ति हैं। कोर्ट के आदेश पर इस इलाके में तो ईंट और सीमेंट न जाए इसके लिए भी गेट पर एमसीडी ने गार्ड तैनात कर रखें हैं।

    इसके अलावा इन संभ्रात कालोनियों की लिस्ट में मेहद्रु एंक्लेव, खिड़की एक्सटेंशन कालोनी करिप्पा मार्ग, डिफेंस सर्विस एंक्लेव, अनुपम गार्डन छत्तरपुर, फ्रीडम फाइटर्स एंक्लेव इग्नू रोड, नेब सराय एक्सटेंशन एरिया, सैदुलाजाब एक्सटेंशन, सैदुलाजाब पर्यावरण कांप्लेक्स, सुल्तान अपार्टमेंट सैदुलाजाब, वसंत कुंज एंक्लेव, डिफेंस एंक्लेव महिपालपुर आदि कालोनियां शामिल हैं।

    नई ईंट न लगाने तक प्राप्त हैं संरक्षण

    दिल्ली में स्पेशल प्रोविजन एक्ट के तहत दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों में एक जून 2014 तक हुए निर्माण को कार्रवाई से संरक्षण प्राप्त हैं। इन कालोनियों में भी यह नियम लागू होता है लेकिन जैसे ही आप यहां पर कोई नया निर्माण शुरू करते हैं तो संरक्षण खत्म हो जाता है। एमसीडी यहां कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। इसके बाद भी इन कालोनियों में निर्माण होता है।

    जैसा हैं वैसे के आधार पर नियमित हुई कॉलोनियों में भी है खतरा

    हाल ही में सरकार ने दिल्ली में 1500 के करीब अनधिकृत कालोनियों को पीएम उदय योजना के तहत जैसा है वैसे के आधार पर नियमित करने की घोषणा की है लेकिन यहां निर्माण भी काफी खतरनाक है। क्योंकि कोई भी नियमों का पालन करके निर्माण नहीं हुआ है। प्राइवेट लैंड या फिर सरकार भूमि पर कब्जा करके यह कालोनियां बसी हैं। जिसमें लोगों ने अपनी-अपनी सहूलियत के हिसाब से निर्माण कर लिया। जिसमें न तो पिलर होते हैं और न ही निर्माण सामग्री मजबूत होती है।

    यह भी पढ़ें- कांग्रेस का 'चांदनी चौक की सुध लो' अभियान: पुरानी दिल्ली की बदहाली पर सरकार को घेरा