दिल्ली में कूड़े का विस्फोट: ऑनलाइन फूड डिलीवरी और पैकेजिंग से बढ़ा बोझ, 2027 का अनुमान 2026 में ही पार
राजधानी दिल्ली में कूड़ा उत्पादन अनुमान से कहीं अधिक बढ़ गया है, 2027 का लक्ष्य 2026 में ही पार हो गया। प्रतिदिन 12847 मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न हो रहा ...और पढ़ें

राजधानी में आंकलन से ज्यादा उत्पन्न हो रहा है कूड़ा। (AI Generated Image)
HighLights
दिल्ली में कूड़ा उत्पादन 2027 के अनुमान से पहले बढ़ा।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी, आबादी वृद्धि मुख्य कारण बताए गए।
एमसीडी वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट क्षमता बढ़ा रही है।
निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा इतनी तेजी से बढ़ रही है कि 2027 में उत्पन्न होने वाले कूड़े की मात्रा 2026 में ही पहुंच गई है।
एमसीडी की दिल्ली सरकार को सौंपी गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली में कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा 11300 मीट्रिक टन प्रतिदिन की अपेक्षा में 12847 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई है।
जबकि एमसीडी ने पूर्व में अनुमान लगाया था कि वर्ष 2027 दिल्ली में कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा 12803 होगी। यानि तय अनुमान से ज्यादा ही कूड़ा उत्पन्न दिल्ली में होने लगा है।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी को ठहराया जिम्मेदार
एमसीडी के अधिकारी इसके लिए तेजी से बढ़ते आनलाइन फूड डिलीवरी और वस्तु पैकेजिंग को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं। साथ ही दिल्ली में बढ़ती आबादी भी इसके लिए जिम्मेदार है।
हालांकि हाल ही में एमसीडी द्वारा चलाए गए विशेष सफाई अभियानों का भी यह असर माना जा रहा है। जिसकी वजह से दिल्ली में 1500 मीट्रिक टन अतिरिक्त कूड़ा उत्पन्न होने लगा है।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एमसीडी ने खासतौर पर रेलवे ट्रेक के आस-पास जमे कचरे को साफ करने का अभियान चलाया। इसके अलावा एमसीडी और डीडीए के इलाकों में खाली प्लाट में भी जमा कूड़े को अभियान चलाकर साफ किया गया।
राजधानी दिल्ली में 103 किलोमीटर रेलवे के ट्रेक है। जहां से 18 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एमसीडी ने साफ किया है। जिसकी वजह से कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा बढ़ गई है।
निगम कर रहा तैयारी
अधिकारी ने बताया कि एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि 2004 तक दिल्ली में जहां प्रति व्यक्ति 500 ग्राम कूड़ा उत्पन्न होता था वह 2014 में बढ़कर 600 ग्राम हो गया है।
साथ ही आनलाइन डिलवरी के बढ़ते प्रचलन की वजह से इसकी मात्रा अब 650 से 700 ग्राम प्रति व्यक्ति होने की संभावना है।
हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वर्ष 2028 तक दिल्ली में 15,292 मीट्रिक टन प्रतिदिन कूड़ा उत्पन्न होने लगेगा। ऐसे में निगम इसके निस्तारण की क्षमता का मिलान करने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और मेटेरियल रिकवरी सेंटर के साथ ही खाद बनाने की क्षमता की वृद्धि कर रही है।
कूड़ा उत्पन्न होने का अनुमान
| वर्ष | कुल कूड़ा | सूखा कूड़ा | गीला कूड़ा |
|---|---|---|---|
| 2025 | 12069 | 7241 | 4828 |
| 2026 | 12391 | 7435 | 4957 |
| 2027 | 12803 | 7682 | 5121 |
| 2028 | 13229 | 7938 | 5292 |
अभी निगम द्वारा कूड़ा निस्तारण (टन प्रतिदिन)
| प्लांट | क्षमता (TPD) |
|---|---|
| वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ओखला | 1550 |
| नरेला बवाना कूड़ा निस्तारण प्लांट | 2500 |
| वेस्ट टू एनर्जी गाजीपुर | 1300 |
| वेस्ट टू एनर्जी तेहखंड | 2000 |
| सीबीजी प्लांट घोघा | 100 |
| 211 क्षेत्रीय कंपोस्ट पिट | 543 |
प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण योजना
| योजना | क्षमता (TPD) | समापन वर्ष |
|---|---|---|
| ओखला वेस्ट टू एनर्जी विस्तार | 1000 | मार्च 2027 |
| नरेला-बवाना वेस्ट टू एनर्जी | 3000 | दिसंबर 2028 |
| गाजीपुर वेस्ट टू एनर्जी | 2000 | दिसंबर 2028 |
| तेहखंड वेस्ट टू एनर्जी विस्तार | 1000 | दिसंबर 2027 |
| बायो सीएनजी प्लांट ओखला | 300 | दिसंबर 2027 |
| सीएनजी प्लांट गाजीपुर | 350 | दिसंबर 2027 |
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