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दीवाली की आतिशबाजी से दिल्ली की हवा हुई जहरीली, गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI

Published: Sun, 08 Nov 2026 08:59 PM (IST)Updated: Sun, 08 Nov 2026 11:42 PM (IST)

दिल्ली में दीवाली के जश्न के साथ ही हवा और जहरीली हो गई है, रविवार शाम एक्यूआई 371 और दिन का औसत 376 दर्ज किया गया।

दिल्ली में आतिशबाजी से जहरीली हुई हवा।

दिल्ली में आतिशबाजी से जहरीली हुई हवा।

HighLights

  1. दिवाली के साथ दिल्ली की हवा हुई और जहरीली।

  2. रविवार शाम दिल्ली का एक्यूआई 371 दर्ज किया गया।

  3. सोमवार से हवा गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिवाली का जश्न शुरू होते ही दिल्ली की हवा और जहरीली होने लगी है। रविवार शाम आतिशबाजी के साथ ही राजधानी के कई इलाकों में धुएं और धुंध की चादर छाने लगी। लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर अलग-अलग इलाकों में पटाखों के धुएं की गंध आने और दृश्यता कम होने की शिकायतें कीं।

शाम सात बजे दिल्ली का तत्कालिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 371 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में है। वहीं, दिन का औसत एक्यूआई 376 रहा, जबकि शनिवार को यह 369 था।

गंभीर श्रेणी में पहुंचा वायु गुणवत्ता

शाम सात बजे तक आंकड़े दर्ज करने वाले 59 निगरानी केंद्रों में से 19 पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी। सात केंद्रों पर हवा खराब और शेष 33 केंद्रों पर बहुत खराब श्रेणी में रही। सबसे खराब स्थिति जहांगीरपुरी की रही, जहां एक्यूआई 460 दर्ज किया गया।

कल कैसी रहेगी दिल्ली की हवा

वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, सोमवार यानी नौ नवंबर से दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है और अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बने रहने की आशंका है। पटाखों के धुएं के अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण बढ़ा सकती हैं। प्रतिकूल मौसम के कारण प्रदूषकों के फैलाव की गति भी धीमी रहने का अनुमान है।

प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी

रविवार को दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा। वहीं, दिल्ली के निर्णय सहायता तंत्र के अनुमान के मुताबिक, प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 19 प्रतिशत रहने की संभावना थी। पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था, जो सोमवार को करीब 2.99 प्रतिशत रह सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की गति कम रहने और प्रदूषकों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलने से स्थिति और बिगड़ सकती है। छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकंड से कम वेंटिलेशन इंडेक्स और 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम औसत हवा की गति प्रदूषण के फैलाव के लिहाज से प्रतिकूल मानी जाती है।

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