दिल्ली मेडिकल काउंसिल के चुनाव में धांधली के आरोप, उपराज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग
दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) चुनाव में 31 मई को हुई कथित अनियमितताओं को लेकर चिकित्सकों के एक समूह ने उपराज्यपाल से स्वतंत्र जांच की मांग की है। फर् ...और पढ़ें

डीएमसी चुनाव को लेकर एलजी संधू से निष्पक्ष जांच की मांग।
जागरण संवादाताता, नई दिल्ली। दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। 31 मई को हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए चिकित्सकों के एक समूह ने दिल्ली के उपराज्यपाल को शिकायत भेजकर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और डीएमसी को भी भेजी गई है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मतदान के दौरान फर्जी मतदान, एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार मतदान और अमिट स्याही के प्रभावी न होने जैसी घटनाएं सामने आईं। उनका दावा है कि उपयोग की गई स्याही आसानी से मिटाई जा सकती थी, जिससे मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए।
कुछ अस्पताल कर्मचारियों से भी मतदान करवाया गया
यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान कुछ राजनीतिक प्रतिनिधि और बाहरी व्यक्ति डीएमसी कार्यालय परिसर में मौजूद थे तथा मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। शिकायतकर्ताओं में शामिल डॉ. अभिषेक गर्ग ने आरोप लगाया कि कुछ अस्पताल कर्मचारियों से भी मतदान करवाया गया, जबकि वे चिकित्सक नहीं थे। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता चिकित्सकों ने अपनी शिकायत में डीएमसी मतदाता डाटा के कथित तौर पर लीक होने का भी मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि डीएमसी के पंजीकृत डाक्टरों का डाटा हासिल कर उनका उपयोग चुनाव प्रचार और मतदाताओं से संपर्क करने के लिए किया गया।
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वेबसाइट और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया गया
इसके लिए कथित रूप से वेबसाइट और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। शिकायत में कहा गया है कि मतदान दिवस पर मौके पर ही कई आपत्तियां और शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। इसके अलावा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कैप वाली बोतलों तथा अन्य वस्तुओं के वितरण के आरोपों की भी जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने मतदाता रिकार्ड, मतदान लाग और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने तथा पूरे मामले की स्वतंत्र जांच पूरी होने तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं करने की मांग की है। उनका कहना है कि डीएमसी जैसी महत्वपूर्ण संस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।