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सभी राज्यों और UTs में सबसे ज्यादा दिल्ली में ही कटे नाम, SIR में ड्रॉफ्ट लिस्ट से 32.8% वोटर हो गए साफ

Published: Wed, 02 Sep 2026 12:29 AM (IST)

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 47.56 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए ...और पढ़ें

एसआईआर में सभी राज्यों में दिल्ली में सबसे ज्यादा नाम कटे। फोटो: एआई जनरेटेड

एसआईआर में सभी राज्यों में दिल्ली में सबसे ज्यादा नाम कटे। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. 47.56 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए

  2. SIR के बाद दिल्ली में 32.8% मतदाताओं की कमी आई

  3. यह कमी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सर्वाधिक है

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। राजधानी में करीब 47.56 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हो गए हैं।

यह संख्या SIR से पहले की करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं वाली सूची का 32.8 प्रतिशत है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यह कमी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक है।

SIR से पहले दिल्ली में कुल करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर करीब 97.53 लाख रह गई है। यानी लगभग हर तीन में से एक नाम प्री-SIR मतदाता सूची से ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचा।

SIR 11

47.56 लाख नाम हटे, पुरुष और महिलाएं करीब बराबर

आंकड़ों के अनुसार ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए करीब 47.56 लाख नामों में 48.9 लाख पुरुष, 47.6 लाख महिलाएं और 447 थर्ड जेंडर मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल हैं। कुल नाम हटने की दर 32.8 प्रतिशत बताई गई है।

नाम हटने के प्रमुख कारणों में स्थायी रूप से दिल्ली से बाहर चले जाना या नहीं मिलना सबसे बड़ा कारण रहा। आंकड़ों में ऐसे मामलों की संख्या 43.32 लाख बताई गई है। इसके अलावा 2.82 लाख मृतक मतदाता और 1.41 लाख डुप्लीकेट या एक से ज्यादा जगह दर्ज नाम शामिल हैं।

दिल्ली के बाद इन राज्यों में भी बड़ी संख्या में नाम हटे

SIR के दौरान दिल्ली में नाम हटने की दर 32.8 प्रतिशत रही, जो दिए गए आंकड़ों में सबसे ज्यादा है। इसके मुकाबले तेलंगाना में 21.7 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 21.1 प्रतिशत, कर्नाटक में 19.5 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 19.1 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत नाम घटे। झारखंड में यह दर 16.5 प्रतिशत और गुजरात में 14.5 प्रतिशत रही।

मध्य प्रदेश में 7.4 प्रतिशत, राजस्थान में 7.7 प्रतिशत और केरल में 8.6 प्रतिशत की कमी दिखाई गई है। ग्राफिक में दिल्ली को 32.8 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर दिखाया गया है।

SIR 12

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा नाम बाहर

दिल्ली के जिलों के आंकड़े देखें तो दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने की दर सबसे अधिक 43.6 प्रतिशत रही। इसके बाद नई दिल्ली में 39 प्रतिशत और दक्षिणी दिल्ली में 38.6 प्रतिशत की दर दर्ज की गई। पूर्वी दिल्ली में 35.6 प्रतिशत, उत्तरी दिल्ली में 35.8 प्रतिशत और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 35.8 प्रतिशत नाम हटे।

इसके विपरीत बाहरी उत्तर दिल्ली में यह दर 24.3 प्रतिशत, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में 26.8 प्रतिशत और पश्चिमी दिल्ली में 26.7 प्रतिशत रही। मध्य दिल्ली में नाम हटने की दर 29 प्रतिशत दर्ज की गई।

क्या है पूरे आंकड़े का बड़ा संकेत?

SIR के बाद दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या करीब 1.45 करोड़ से घटकर 97.53 लाख रह गई है। यानी 47.56 लाख नामों की कमी के साथ राजधानी में ड्राफ्ट सूची से बाहर होने की दर 32.8 प्रतिशत है। उपलब्ध ग्राफिक के अनुसार यह आंकड़ा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक है।

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