'...मैं तो प्लेन ही खरीदना चाहता हूं', हादसे में मारे गए साहिल धनेशरा के अधूरे रहे सपने
द्वारका में 23 वर्षीय साहिल धनेशरा की 3 फरवरी 2026 को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से टक्कर में मौत हो गई। आरोप है कि 17 वर्षीय नाबालिग चालक रील बनाने के ...और पढ़ें
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साहिल का कमरा अभी भी वैसा ही पड़ा है जैसे वह छोड़कर गया था। जागरण

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। द्वारका में 23 साल के साहिल धनेशरा की एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से टक्कर में मौत हो गई। यह हादसा 3 फरवरी 2026 को हुआ, जिसमें आरोप है कि गाड़ी एक नाबालिग (17 साल का लड़का) चला रहा था, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। वह सोशल मीडिया के लिए रील बना रहा था और बहुत तेज गति से गाड़ी चला रहा था।
साहिल के सपने और कमरा आज भी वैसा ही...
साहिल का कमरा अभी भी वैसा ही पड़ा है जैसे वह छोड़कर गया था। उसकी मेज पर किताबें, लैपटॉप और एक पोस्टर लगा है जिस पर लिखा है: "लोग फर्स्ट क्लास में उड़ना चाहते हैं, मैं तो प्लेन ही खरीदना चाहता हूं।" दीवारों पर उसने हाथ से लिखा था - "Obsession is gonna beat talent" (जुनून टैलेंट को हरा देगा)।

छत पर लिखा था, "2025 मेरा साल होगा, $1,000,000 का साल!" (यानी 10 लाख डॉलर कमाने का साल)। उसके पास कई मेडल लगे हैं, वो बहुत मेहनती और महत्वाकांक्षी लड़का था। वो यूके जाने की तैयारी कर रहा था।
मां को मिली सबसे बुरी खबर
साहिल की मां इन्ना माकन को पुलिस का फोन आया, "आपके नंबर की बाइक मिली है और एक लाश भी।" मां दौड़कर मौके पर पहुंची। साहिल की स्पोर्ट्स बाइक तीन टुकड़ों में बंटी पड़ी थी, जैकेट फट गया था। मां ने बताया कि साहिल 10 मिनट तक मदद मांगता रहा, लेकिन एम्बुलेंस खड़ी थी और उसे तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया।
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बाद में अस्पताल में ECG करके उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि साहिल की मौत ज्यादा खून बहने (severe haemorrhage) से हुई। सिर पर खोपड़ी फ्रैक्चर, दिमाग में सूजन, फेफड़ों को नुकसान और कई हड्डियां टूटी थीं।
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वीडियो में क्या दिखा
एक वीडियो गाड़ी के अंदर से सामने आया है, जिसमें नाबालिग तेज गति से गाड़ी चला रहा है। वो बस से बचता है, लेकिन सामने से आ रही साहिल की बाइक से जोरदार टक्कर हो जाती है। वीडियो एक्सीडेंट से ठीक पहले खत्म हो जाता है। स्कॉर्पियो गाड़ी पर पहले से 13 चालान थे, जिनमें से ज्यादातर स्पीडिंग के थे। नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने क्लास 10 की बोर्ड परीक्षा के लिए अंतरिम जमानत दी है।
साहिल की मां न्याय की मांग कर रही हैं। वो कहती हैं कि उनका बेटा किसी की "मजा" या "रील" की वजह से चला गया। यह हादसा सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि लापरवाही और तेज गति की सजा है।
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