दिल्ली के द्वारका में निवेश और रोजगार की बहार... IT, सेमी-कंडक्टर और डेटा सेंटर्स का बनेगा बड़ा केंद्र, क्या है DDA का प्लान?
उपराज्यपाल सरदार तरनजीत संधू के नेतृत्व में द्वारका को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। ...और पढ़ें

आईटी, डेटा सेंटर, स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर। इमेज एआई
HighLights
उपराज्यपाल संधू के नेतृत्व में द्वारका का कायाकल्प।
अंतर्राष्ट्रीय निवेश और लाखों रोजगार सृजन का लक्ष्य।
आईटी, डेटा सेंटर, स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली की द्वारका उप नगरी अब केवल एक आवासीय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने की राह पर है। उपराज्यपाल और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) अध्यक्ष सरदार तरनजीत संधू के नेतृत्व में द्वारका के कायाकल्प की विस्तृत योजना तैयार की गई है, जिससे इसे दुनिया के बेहतरीन 'इकोनॉमिक हब' की कतार में खड़ा किया जा सके।
संधू ने डीडीए के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि द्वारका में वे सभी तत्व मौजूद हैं जो इसे एक विकेंद्रीकृत आर्थिक केंद्र बना सकते हैं। इसी तर्ज पर रोहिणी और नरेला को भी विकसित किया जाएगा, लेकिन मुख्य फोकस द्वारका की रणनीतिक स्थिति पर ही है।
संधू ने इस पर भी जोर दिया कि द्वारका के इस रणनीतिक बदलाव से दिल्ली का पैसा और निवेश, जो पिछले कुछ समय में दूसरे शहरों की ओर रुख कर गया था, वापस आएगा। उन्होंने कहा, 'यह बदलाव न केवल राजस्व बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा करेगा, वह भी पर्यावरण का ध्यान रखते हुए।'
संधू ने बैठक में उन प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया जो द्वारका को ग्लोबल निवेश के लिए 'फिट' बनाते हैं:-
- द्वारका में स्थित 'यशोभूमि' और निर्माणाधीन ''डिप्लोमैटिक हब'' इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहे हैं।
- अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर) के चालू होने और एयरपोर्ट से इसकी नजदीकी ने इसे लाजिस्टिक्स और कारपोरेट आफिसों के लिए सबसे सुगम बना दिया है।
- मेट्रो लाइनों का जाल, आगामी एजुकेशन हब और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी द्वारका की क्षमता को कई गुना बढ़ा देती है।
- डीडीए के पास द्वारका में निवेश के लिए बड़े भूमि खंड उपलब्ध हैं, जो बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त हैं।
बनेगा आइटी और डेटा सेंटर का बड़ा केंद्र
एलजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे द्वारका को प्रदूषण मुक्त उद्योगों के लिए विकसित करें। उन्होंने विशेष रूप से कुछ क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:-
- आइटी, बड़े सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों की स्थापना।
- सेमी-कंडक्टर प्लांट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक डेटा सेंटर।
- विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निवेश।
- निवेश के साथ रोजगार की बहार
समयबद्ध एक्शन प्लान की मांग
उपराज्यपाल ने डीडीए को आदेश दिया है कि वे सभी हितधारकों के साथ मिलकर जल्द से जल्द एक ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना पेश करें, ताकि द्वारका को वैश्विक निवेश मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित किया जा सके।