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    गोविंदपुरी डबल मर्डर: जेठानी की सूनी गोद देख देवरानी ने सौंपा था 11 दिन का बेटा, अब खून में सनी लाश मिली

    Updated: Fri, 22 May 2026 08:49 AM (GMT+05:30)

    गोविंदपुरी में हुए दोहरे हत्याकांड में एक मां ने अपने गोद दिए 11 दिन के बेटे खुशहाल और जेठानी को खो दिया। मंजू देवी अपने बेटे की लाश देखकर बिलख पड़ीं, ...और पढ़ें

    महज 11 दिन के बेटे को मंजू ने अपनी जेठानी शारदा को सौंप दिया था। फोटो: जागरण

    महज 11 दिन के बेटे को मंजू ने अपनी जेठानी शारदा को सौंप दिया था। फोटो: जागरण

    HighLights

    1. गोविंदपुरी में दोहरे हत्याकांड से परिवार में मातम

    2. मां ने गोद दिए बेटे खुशहाल को हमेशा के लिए खोया

    3. 11 दिन के बेटे की लाश देख मां बिलख पड़ी

    मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। एक मां के लिए उसका बच्चा दुनिया में सबसे प्यारा होता है। दिल पर पत्थर रखकर भले ही गोद दे दिया, पर उसकी एक मुस्कान, उसकी आवाज सुनने को मन हमेशा बेचैन ही रहता है। यह बेचैनी मंजू को अब ताउम्र रहेगी।

    मंजू ने महज 11 दिन के बेटे खुशहाल को अपनी जेठानी शारदा को सौंप दिया था। बृहस्पतिवार की सुबह जेठानी और बेटे की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। उनकी खून से सनी लाशें देखकर दिल दहल जाए।

    गोविंदपुरी के गली नंबर-10 में हुए डबर मर्डर में मंजू ने जेठानी के साथ ही अपने जिगर के टुकड़े को भी हमेशा के लिए खो दिया। बस एक ही बात दोहराती रहीं कि जब 11 दिन का था, तभी सौंप दिया था। आज उसकी लाश देखनी पड़ रही है।

    शादी 11 साल बाद भी सूनी थी शारदा की गोद 

    विष्णु व शारदा को शादी के कई वर्ष बाद भी बच्चे ने होने पर देवरानी मंजू ने अपने 11 दिन के बेटे को गोद दिया था। मंजू विष्णु के छोटे भाई दिनेश की पत्नी हैं। दोनों के पहले से दो बेटे 17 वर्षीय कृष और 15 वर्षीय अनमोल हैं।

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    मंजू बताती हैं कि जब खुशहाल पेट में था, तभी जेठ व जेठानी ने गोद लेने की इच्छा जताई थी। उसी समय हम दोनों ने फैसला कर लिया था कि बेटा हो या बेटी, गोद दे देंगे। जब खुशहाल 11 दिन का था, तभी उसे जेठ-जेठानी को सौंप दिया।

    खून से सनी लाश देखकर बिलख पड़ी मां 

    बृहस्पतिवार को गोद दिए बेटे की खून से सनी लाश देख वे बिलख पड़ीं। लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर संगम विहार में ही रहती हैं। जब दिल करता था, जेठानी के पास आतीं और बेटे खुशहाल को हंसता-खेलता देख मगन रहतीं। पर अब खुशहाल को कभी नहीं देख पाएंगी।

    एक रिश्तेदार के मुताबिक वर्ष 2002 में विष्णु पहली पत्नी के साथ तुगलकाबाद की झुग्गियों में रहते थे। एक घटना में पत्नी की मौत हो गई। लगभग सात वर्ष बाद शारदा से दूसरी शादी की। तुगलकाबाद में ही उसने खुद का फ्लैट लिया।

    दूसरी पत्नी को भी शादी के चार वर्ष बाद भी बच्चे नहीं हुए। तब संगम विहार में रहने वाली दिनेश की पत्नी मंजू ने अपना बेटा गोद दिया।

    तुगलकाबाद में खुशहाल का पहला जन्मदिन मनाने के बाद विष्णु परिवार लेकर गोविंदपुरी गली नंबर 10 के अपने दूसरे फ्लैट में आ गए। तब से वे यहीं रहते हैं। खुशहाल ज्यादातर समय घर में ही रहता था। शाम के समय कुछ देर साइकिल चलाने के लिए गली में निकलता था।

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