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    दिल्ली में फौजी बनकर मकान मालिक से ठगी, गुरुग्राम से म्यूल खाता धारक गिरफ्तार

    Updated: Sun, 21 Jun 2026 03:44 PM (IST)

    दिल्ली में एक मकान मालिक से फौजी बनकर 35 हजार रुपये की ठगी करने वाले म्यूल खाता धारक को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस साइबर ठगी के मु ...और पढ़ें

    फौजी बनकर 35 हजार रुपये की ठगी करने वाले म्यूल खाता धारक को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है।

    फौजी बनकर 35 हजार रुपये की ठगी करने वाले म्यूल खाता धारक को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है। 

    HighLights

    1. फौजी बनकर मकान मालिक से 35 हजार की ठगी।

    2. म्यूल खाता धारक हिमांशु मोंडल गुरुग्राम से गिरफ्तार।

    3. मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी दिल्ली पुलिस।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। किराए पर फ्लैट लेने के नाम पर एक मकान मालिक से 35 हजार ठगी करने के मामले में मध्य जिला के साइबर सेल थाना पुलिस ने म्यूल खाता धारक को गिरफ़्तार कर लिया है। ठग ने खुद को ''भारतीय सेना का सूबेदार'' बताकर पीड़ित का भरोसा जीत उन्हें चूना लगाया। ठगी की रकम इसी आरोपित के खाते में ट्रांसफर हुई थी। पुलिस ने आरोपित के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।

    डीसीपी मध्य जिला रोहित राजबीर सिंह का कहना है कि करोल बाग में रहने वाले एक शख्स ने अपने फ्लैट को किराए पर देने के लिए एक आनलाइन प्रापर्टी पोर्टल पर विज्ञापन डाला था। तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को इंडियन आर्मी का सूबेदार बताते हुए फ्लैट किराए पर लेने की इच्छा जताई। दोनों के बीच बातचीत के बाद सौदा पक्का हो गया।

    इसके बाद, ठग ने किराए के पैसे भेजने के बहाने मकान मालिक से उनकी यूपीआइ डिटेल्स मांगी और वेरिफिकेशन के लिए एक रुपये भेजने को कहा। जैसे ही पीड़ित ने ऐसा किया, ठग ने फोन पेय ऐप पर 35 हजार मांगने का अनुरोध भेजा। ठग ने झूठ बोला कि यह पैसे भेजने का लिंक है।

    खाते से 35 हजार कटकर जालसाज के खाते में चले गए

    पीड़ित झांसे में आ गया और जैसे ही उसने अपना यूपीआई पिन डाला, उनके खाते से 35 हजार कटकर जालसाज के खाते में चले गए। धोखा होने का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। साइबर सेल थाने के इंस्पेक्टर योगराज दलाल की टीम ने दिल्ली, हापुड़, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में बड़े पैमाने पर तकनीकी और फील्ड जांच शुरू की।

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    बैंक ट्रांजक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने पर पता चला कि ठगी की रकम केनरा बैंक के एक खाते में गई है, जो हिमांशु मोंडल के नाम पर है। इसके बाद पुलिस टीम ने 18 जून को गुरुग्राम के सेक्टर-सात में छापा मार हिमांशू मोंडल को गिरफ्तार कर लिया। वह गुरुग्राम का रहने वाला है। इसपर पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

    मुख्य साजिशकर्ताओं और अन्य मददगारों की तलाश जारी

    पूछताछ के दौरान हिमांशू ने कुबूल किया कि वह साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और उन्हें आपरेट करने का काम करता है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं और अन्य मददगारों की तलाश कर रही है ताकि पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जा सके।

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