क्या दिल्ली पुलिस की हिरासत में हुई थी पिटाई? HIV पीड़ित युवक की मौत के बाद परिवार के आरोपों से मचा बवाल
महरौली में एचआईवी पीड़ित युवक की पुलिस हिरासत के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर प्रदर ...और पढ़ें

मृतक के स्वजन ने सड़क जाम कर दी और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
HighLights
एचआईवी पीड़ित युवक की पुलिस हिरासत के बाद मौत।
परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में पिटाई का आरोप लगाया।
सड़क जाम कर प्रदर्शन, पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। महरौली इलाके में एचआईवी से पीड़ित युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत का मामला सामने आया है। सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवार को हुई मौत के बाद मृतक के स्वजन ने सड़क जाम कर दी और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जिला पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्यों हिरासत में लिया था पुलिस ने?
पुलिस के मुताबिक, 21 वर्षीय युवक अपने परिवार के साथ महरौली इलाके में रहता था और एक सैलून में काम करता था। स्वजन के मुताबिक, महरौली थाना पुलिस इलाके को नशा मुक्त करने के लिए अभियान चला रही है। इसके चलते 14 जुलाई को पुलिस ने युवक और उसके भाई को हिरासत में लिया था। कई घंटे बाद पीड़ित को उसके घर छोड़ दिया, जबकि उसके भाई को 7/51 का कलंदरा बनकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोप लगाया- हिरासत में की गई पिटाई
स्वजन का आरोप है कि पुलिस ने युवक और उसके भाई की हिरासत के दौरान पिटाई की थी। पिटाई के दौरान उसकी हालत खराब हो गई क्योंकि वह पहले से ही टीबी और एचआईवी से पीड़ित है। ऐसे में पुलिस उसे घर छोड़ गई।
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17 जुलाई को हालत ज्यादा खराब होने के बाद उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पर स्वजन ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि युवक के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड करेगा। जल्द ही मामले में बोर्ड का गठन किया जाएगा।
"युवक के स्वजन ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, वह गलत हैं। युवक के शरीर पर चोट का कोई भी निशान नहीं है, युवक पहले से बीमार था, जिसके चलते उसकी मौत हुई है।"
-अनंत मित्तल, पुलिस उपायुक्त, दक्षिणी जिला।
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