IIT दिल्ली में छात्र की खुदकुशी पर छात्रों का मोर्चा, प्रशासन से स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग
आइआइटी दिल्ली में छात्र ऋषिकेश की खुदकुशी के बाद छात्र संगठनों ने संस्थान प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ...और पढ़ें

आईआईटी दिल्ली। फाइल फोटो
HighLights
आइआइटी दिल्ली में छात्र ऋषिकेश की खुदकुशी पर छात्रों का प्रदर्शन।
छात्रों ने स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही मांगी।
मृतक छात्र के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आइआइटी दिल्ली में छात्र ऋषिकेश की खुदकुशी के बाद छात्र संगठनों ने संस्थान प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने छात्र मामलों के कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
मांगों को लेकर सोमवार को परिसर और लेक्चर हाल परिसर की सभी कक्षाएं स्थगित करने की भी मांग की गई है, ताकि घटना को सामान्य तरीके से न लिया जाए।
छात्रों का आरोप है कि आवास की सुविधा न मिलना, शैक्षणिक परियोजनाओं से जुड़ी समस्याएं और प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलना विद्यार्थियों में मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए संस्थान की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी नीति और परामर्श व्यवस्था को सार्वजनिक किया जाए।
30 महीने में आठ छात्रों की मौत का दावा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया है कि पिछले 30 महीनों में आइआइटी दिल्ली के आठ छात्रों ने आत्महत्या की है। इसे उन्होंने गंभीर और व्यवस्थित समस्या बताते हुए प्रशासन से अब तक उठाए गए कदमों और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर अमल की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
अधिकारियों के इस्तीफे और मुआवजे की मांग
छात्रों ने छात्र मामलों के कार्यालय के डीन और दोनों एसोसिएट डीन के साथ भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही ऋषिकेश के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग रखी गई है।
छात्रों ने यह भी कहा है कि छात्र की मौत के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों पर कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। प्रशासन से इन मांगों पर अपना रुख रविवार शाम पांच बजे तक स्पष्ट करने को कहा गया है।
