दिल्ली में IPL टिकटों की कालाबाजारी का भंड़ाफोड़, पेट्रोल पंप पर बिक रहे थे कॉम्प्लिमेंट्री पास और प्राइज टिकट
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आईपीएल मैचों के दौरान टिकटों और कॉम्प्लिमेंट्री पास की कालाबाजारी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ती ...और पढ़ें

दिल्ली में आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी का भंडाफोड़। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
क्राइम ब्रांच ने आईपीएल टिकट कालाबाजारी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, पेट्रोल पंप पर बेचते थे महंगे टिकट।
डीडीसीए अधिकारियों की मिलीभगत की जांच करेगी पुलिस।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आइपीएल मैचों के दौरान टिकटों व काम्प्लीमेंट्री पास की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपित को गिरफ्तार किया है। ये लोग स्टेडियम के बाहर स्थित पेट्रोल पंप के बाहर सरेआम टिकटों व काम्प्लीमेंट्री पास मोटी रकम में बेचते थे। पुलिस अधिकारी का मानना है कि काम्प्लीमेंट्री पास बिना डीडीसीए के अधिकारियों की मिलीभगत से बाहर नहीं आ सकता है।
इसलिए पुलिस डीडीसीए के वर्तमान सचिव व पूर्व संयुक्त सचिव, अकाउंट्स से जुड़े लोगों व अन्य पदाधिकारियों को नोटिस भेजकर उनसे पूछताछ करेगी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन्हें ये काम्प्लीमेंट्री पास और टिकट कहां से और किसके जरिए मिलते थे। इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। यह भी जानकारी मिली है कि अरुण जेटली स्टेडियम के कमरा नंबर नौ में काम्प्लीमेंट्री पास व टिकटों की हेराफेरी किया जाता था।
तीन आरोपी गिरफ्तार
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव का कहना है कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि आइपीएल मैचों के दौरान टिकटों को ऊंचे दामों पर बेचने वाला एक सक्रिय गिरोह स्टेडियम के बाहर टिकटों की कालाबाजारी कर कर रहा है। एसीपी संजय कुमार नागपाल, इंस्पेक्टर मान सिंह और सुंदर गौतम की टीम ने जांच के बाद तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। ये लोग खुद को डीडीसीए का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को मोटी रकम में काम्प्लीमेंट्री पास व टिकटों की कालाबाजारी कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम मुकीम, मुरादाबाद, गुफरान उर्फ साजिद, जामिया नगर और मोहम्मद फैसल, सीलमपुर है।
पुलिस इनसे पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि ये लोग कब से यह धंधा कर रहे थे। अब तक कितने पास व टिकटों की कालाबाजारी कर चुके थे।डीडीसीए के किन किन अधिकारियों से इनकी जानपहचान है। इन लोगों को निरंतर स्टेडियम में आना जाना था या नहीं।पुलिस डीडीसीए से सीसीटीवी फुटेज मांगकर उसकी भी जांच करेगी। पूछताछ से पता चला है कि ये लोग महंगे दामों पर बिक्री: 'नाट फार सेल' वाले काम्प्लीमेंट्री पास को 20 हजार प्रति पास बेच रहे थे। सामान्य टिकटों को प्रिंटेड रेट से दोगुने या मैच की लोकप्रियता के आधार पर उससे भी ज्यादा कीमत पर बेचते थे।
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देशभर में सक्रिय था गिरोह
यह गिरोह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था। ये लोग देश के उन सभी शहरों में हवाई जहाज से जाते थे जहां आइपीएल मैच होते थे। उन शहरों में भी कालाबाजारी करते थे। ये लोग स्टेडियम के अंदर से आनलाइन सट्टा चलाने वालों, हाई-प्रोफाइल जेबकतरों और अन्य आपराधिक तत्वों को भी प्रीमियम टिकट सप्लाई करते थे। खुद को क्रिकेट प्रशासन या इवेंट मैनेजमेंट का अधिकृत व्यक्ति बताकर आरोपित, लोगों का भरोसा जीतते थे।
आरोपितों पर पहले भी टिकट ब्लैक करने के मामले दर्ज हैं। गुफरान पर 2011 में नंद नगरी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। मोहम्मद फैसल पर भजनपुरा और पंजाब के सास नगर में चोरी, धोखाधड़ी और जुआ अधिनियम के तहत मामले दर्ज है। मुकीम पर फरीदाबाद में आटो एक्सपो के दौरान टिकट ब्लैक करने का मामला दर्ज है।
डीडीसीए निदेशक ने पहले भी कराई थी शिकायत
इससे पहले भी अरुण जेटली स्टेडियम में चार अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान नकली प्रीमियम टिकटों की कालाबाजारी को लेकर डीडीसीए के निदेशक आनंद वर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा था कि उनके परिवार के सदस्य जब मैच देखने के लिए स्टेडियम पहुंचे तो उनकी वैध टिकट पर पहले ही किसी अन्य व्यक्ति की एंट्री दर्ज हो चुकी थी। इसके कारण उनके परिवार को प्रवेश से रोक दिया गया। मामले के सामने आने के बाद टिकटों की हेराफेरी और नकली टिकटों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।