क्या नई पार्टी बनाने जा रहे हैं Raghav Chadha? अरविंद केजरीवाल से टकराव के बीच AAP में सियासी हलचल तेज
राघव चड्ढा के नई राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सुझाव को 'दिलचस् ...और पढ़ें

Raghav Chadha के अपनी पार्टी बनाने की चर्चा। फोटाे: आर्काइव
HighLights
राघव चड्ढा नई राजनीतिक पार्टी बनाने पर विचार कर सकते हैं
AAP ने चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, आरोप-प्रत्यारोप
चड्ढा ने 'दिलचस्प सोच' कहकर अटकलों को हवा दी
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। Raghav Chadha नई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं। बुधवार को इन अटकलों को उस समय हवा मिली, जब चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति की ओर से दिए गए सुझाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
सोशल मीडिया पर व्यक्ति ने सुझाव दिया गया कि आम आदमी पार्टी की ओर से साइडलाइन किए गए आप नेता राघव चड्ढा को दूसरी पार्टी में शामिल होने के बजाय अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनानी चाहिए। चड्ढा ने इस पर एक छोटी सी टिप्पणी करते हुए इस सुझाव को 'दिलचस्प सोच' बताया है।
इंस्टाग्राम पर की गई एक पोस्ट की टिप्पणी
यह तब हुआ चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 'नेवर आउटशाइन द मास्टर' टाइटल वाली एक किताब के चैप्टर की तस्वीर शेयर की, जो शायद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तंज था।
आम आदमी पार्टी ने पिछले हफ्ते चड्ढा काे राज्यसभा में अपने उपनेता के पद से हटा दिया था, और चड्ढा ने यह कहकर रिएक्ट किया कि उन्हें चुप करा दिया गया है, मगर वह हारे नहीं हैं।
पार्टी ने भी चड्ढा पर संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने से कतराने और इसके बजाय सॉफ्ट पीआर करने का आरोप लगाते हुए कड़ा हमला किया। उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद से ही चड्ढा ने चार वीडियो और दो पोस्ट जारी किए हैं।
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चड्ढा और आप के बीच खिंच चुकी हैं तलवारें
जिससे यह इशारा मिलता है कि वह इस फैसले पर चुप नहीं बैठेंगे। आप ने चड्ढा पर संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या केंद्र के खिलाफ सवालों से बचने का भी आरोप लगाया था। चड्ढा ने पलटवार करते हुए कहा था कि वह संसद में लोगों के मुद्दे उठाने आए थे, हंगामा करने नहीं गए हैं।
उन्होंने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने विपक्ष के वाकआउट में हिस्सा नहीं लिया, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव के नोटिस पर साइन करने से इनकार कर दिया, और अहम मुद्दे उठाने से डरते थे। इसका भी चड्ढा ने तथ्यों के साथ खंडन किया था।