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    ISI हैंडलर्स के कहने पर हथियारों की तस्करी का धंधा कर रहा शाहबाज अंसारी, आतंकी गतिविधियों के लिए जुटा रहा फंड

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 08:48 PM (IST)

    खुर्जा का रहने वाला शाहबाज अंसारी, देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर है, जो तीन दशकों से अधिक समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मार् ...और पढ़ें

    अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी ISI हैंडलर्स के मार्गदर्शन पर तस्करी में जुटा।

    अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी ISI हैंडलर्स के मार्गदर्शन पर तस्करी में जुटा।

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    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। खुर्जा का रहने वाला देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी तीन दशक से भी अधिक समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स के मार्गदर्शन में विदेशी हथियारों की तस्करी कर रहा है।

    जांच से जुड़े अधिकारी का कहना है कि भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने के उद्देश्य से आईएसआइ के हैंडलर्स, अंसारी को अत्याधुनिक हथियारों की अवैध आपूर्ति में मदद कर रहे हैं ताकि इससे आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंड जुटाया जा सके।

    हथियारों की खरीद और तस्करी ISI के इशारे पर

    जांच के दौरान मिले इनपुट और साक्ष्यों के अनुसार शाहबाज अंसारी, पाकिस्तान-नेपाल और भारत में विदेशी हैंडलर्स और जमीनी स्तर के ऑपरेटिव के बीच मुख्य कड़ी के रूप में काम कर रहा है। पाकिस्तान से हथियारों की खरीद, उन्हें थाईलैंड के रास्ते नेपाल भेजना और अंत में भारत में उनकी तस्करी करना यह सब आईएसआई के इशारे पर समन्वित तरीके से किया जा रहा है।

    पाकिस्तान, थाईलैंड, नेपाल व भारत का चयन रणनीतिक रूप से इसलिए किया गया ताकि सीधे शक से बचा जा सके और पारंपरिक ट्रैकिंग तंत्रों को चकमा दिया जा सके। इमरान और कामरान, शाहबाज अंसारी से मिले निर्देशों के तहत लाजिस्टिक्स और परिवहन संबंधी कार्यों को अंजाम देते थे।

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    अवैध हथियारों की बिक्री से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल न केवल इस मॉड्यूल के संचालन को बनाए रखने बल्कि देश के भीतर आतंकवाद से जुड़ी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

    देश के भीतर बड़े पैमाने पर हमले की योजना

    जांच से संकेत मिलता है कि आईएसआई समर्थित मॉड्यूल द्वारा तस्करी किए गए अवैध हथियारों के जखीरे का इस्तेमाल देश के भीतर बड़े पैमाने पर असर डालने वाले आतंकवादी हमलों में किया जा सकता था। खुफिया इनपुट से पता चला है कि ऐसे हथियार एक बार राष्ट्र-विरोधी तत्वों को मिल जाने पर लक्षित हमला करने या अंधाधुंध गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

    इमरान और मोहम्मद कामरान की निशानदेही पर बुलंदशहर से मारुति स्विफ्ट कार बरामद कर ली गई। इमरान की निशानदेही पर एक चाइनीज पिस्टल और पांच कारतूस और कामरान की निशानदेही पर एक पिस्टल और छह कारतूस बरामद किए गए।

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