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    सीरिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बम बनाना सीखा, ISIS आतंकी रिजवान 200 युवाओं का कर रहा था ब्रेनवॉश

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

    कुशीनगर से गिरफ्तार आइसिस आतंकी रिजवान अहमद से दिल्ली में पूछताछ जारी है। स्पेशल सेल को पता चला है कि रिजवान बम बनाने में माहिर है और उसने सीरियाई आतं ...और पढ़ें

    रिजवान ने सीरिया के आतंकियों से सोशल मीडिया के जरिए बम बनाना सीखा। फाइल फोटो

    रिजवान ने सीरिया के आतंकियों से सोशल मीडिया के जरिए बम बनाना सीखा। फाइल फोटो

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    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कुशी नगर से गिरफ्तार कर दिल्ली लाए गए आइसिस आतंकी रिजवान अहमद से पूछताछ में स्पेशल सेल को कई नई जानकारी मिली है।

    पटियाला हाउस कोर्ट से रिमांड पर लेने के दौरान स्पेशल सेल ने कोर्ट को बताया कि रिजवान और आइसिस से जुड़े अन्य आतंकियों के रडार पर देश के कई राज्यों के धार्मिक स्थल थे। रिजवान को बम बनाने में माहिर हासिल है।

    200 युवओं के संपर्क में था

    बम बनाने की तकनीक उसने सीरिया स्थित आतंकियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग और इंटरनेट मीडिया के जरिये सिखा था। वह इंटरनेट मीडिया के जरिये करीब 200 युवाओं के संपर्क में था, जिनका ब्रेनवाश कर वह उन्हें अपने संगठन से जोड़ने व आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा था।

    रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण रिजवान को कुशी नगर से दिल्ली लाने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट स्थित ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से पुलिस को केवल एक दिन का रिमांड मिला।

    सोमवार को संबंधित काेर्ट में पेश कर रिजवान को लंबे समय तक पूछताछ व जांच के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आइसिस के लिए काम करते हुए देश को इस्लामिक देश बनाने के लिए रिजवान इस संगठन से 2015 में जुड़ा था।

    मुस्लिम युवाओं की भर्ती का मिला था जिम्मा

    उसे संगठन में मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिससे वह खासतौर पर यूपी के मुस्लिम युवाओं को संगठन में भर्ती करने में जीन जान से जुटा हुआ था।

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    दिल्ली लाने के बाद रिजवान को स्पेशल सेल के आफिस में लाकर गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में वह जांच एजेंसी को सहयोग नहीं कर रहा है। जांच एजेंसी रिजवान के मोबाइल के काल डिटेल रिकार्ड और उसके आपराधिक पृष्टभूमि की जांच कर रही है।

    इसके अलावा इंटरनेट मीडिया पर की गई पोस्ट व चैट की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि वह टेलीग्राम एप के जरिए कई लोगों से संपर्क में था। कुछ चैट उसने डिलीट भी कर दी है।

    स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस के डीसीपी मनीषी चंद्रा की टीम ने शनिवार को कुशी नगर से रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसका एक मोबाइल, लैटपाट व अन्य इलेक्ट्रानिक गजट जब्त किया है। 2017 से 2023 तक रिजवान मुंबई की आर्थर रोड स्थित सेंट्रल जेल में बंद था।

    आतंकी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता के कारण मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 2024 में जमानत बाहर आने के बाद वह दोबारा से आइसिस से जुड़कर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया।

    कुशीनगर से हुई थी गिरफ्तारी

    केंद्रीय एजेंसियों को इसकी आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी मिलने के बाद आइबी की सूचना पर स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस ने रिजवान अहमद को यूपी एटीएस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया। वह कुशीनगर के पडरौना छावनी में राइन मोहल्ले का रहने वाला है।

    वह रोजगार की तलाश में करीब एक दशक पहले मुंबई गया था। मुंबई ब्लास्ट से जुड़े मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों को रिजवान के कमरे से विस्फाेटक बरामद हुए थे। तभी से वह केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर है।

    जांच में उसके नंबर से अंतरराष्ट्रीय काल तथा आइसिस से तार जुड़े होने की पुष्टि होने पर वह मुंबई की जेल में छह वर्ष तक बंद रहा था।

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