जनकपुरी कांड में लापरवाह सिस्टम छुपा रहा सच्चाई, परिवार का आरोप-साजिशन घटा रहे गड्ढे की गहराई; नहीं दे रहे CCTV फुटेज
कमल ध्यानी की जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड के गड्ढे में गिरकर मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोषी अधिकारियों को बचाने के लि ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के 'लापरवाह सिस्टम' के बनाए तकरीबन 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर अपनी जिंदगी खोने वाले 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत के दोषियों को बचाने की साजिश रची जा रही है। परिजनों ने इस संबंध में डीजेबी और पुलिस दोनों पर ही संगीन आरोप लगाए हैं।
ऐसे कैसे मिलेगा न्याय?
मृतक के घरवालों का आरोप है कि जनकपुरी की वी-ब्लॉक स्थित जिस गड्ढे में बृहस्पतिवार रात को गिरने से युवक की मौत हुई थी, उसमें अब मिट्टी डालकर उसकी गहराई कम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। यही नहीं परिजनों के बार-बार गुहार लगाने पर भी उन्हें हादसे के वक्त की सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाई जा रही है।
एक कर्मचारी की गिरफ्तारी भी की
बीते शुक्रवार को इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो दो अधिकारियों पर निलंबन और एक पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। साथ ही, पुलिस ने धरपकड़ करते हुए हादसे को देखने वाले उस एरिया के ठेकेदार के कर्मचारी को भी दबोच लिया। आरोप है कि उक्त कर्मचारी ने कमल को गड्ढे में मौत से लड़ते हुए देखा था। इसके बाद भी वह उसकी मदद करने के बजाय वहां से चुपचाप चला गया था। अब इसी कड़ी में शनिवार को परिजनों ने दिल्ली जल बोर्ड पर एक संगीन आरोप लगाया है।
गड्ढे को पाटने की रच रहे साजिश
परिजनों का कहना है कि उस गड्ढे में मिट्टी डालकर उसकी गहराई को कम करने की साजिश रची जा रही है। ऐसा करने से मामले में साक्ष्य भी प्रभावित होंगे। हालांकि, इन आरोपों के जवाब में विभाग की ओर से कोई सफाई नहीं दी गई है। बता दें कि हादसे वाली रात उस जानलेवा गड्ढे के चारों ओर कोई बैरिकेडिंग भी नहीं थी। यदि सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया होता तो संभवत: इतना बड़ा हादसा नहीं घटता। अब घटनास्थल के चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम किये जा रहे हैं।
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आखिर सीधा रास्ता छोड़कर इसे क्यों चुना?
बता दें कि गुरुवार की रात जब हादसा हुआ तो उस समय युवके माता-पिता अपनी शादी की वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहे थे। मृतक कमल की जुड़वा भाई करण से भी फोन पर बात हुई थी। फोन पर उसने 10 मिनट में घर पहुंचने की बात कही थी।
इसी बीच समय ने बाजी पलट दी और कमल सरकारी विभाग के लापरवाह कर्मचारियों की कारस्तानी का शिकार हो गया। ऐसे में परिजन भी इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि जब हादसे वाले स्थान से जब एक सीधा और सुरक्षित रास्ता उसकी घर को जा रहा था तो उसने इस खतरनाक रास्ते को क्यों चुना?
मृतक के भाई करण का कहना है कि वे इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं। इसके लिए वे पुलिस बार-बार सीसीटीवी फुटेज दिखाने की दरख्वास्त कर रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
रोहिणी के एक कॉल सेंटर में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात 25 वर्षीय कमल ध्यानी गुरुवार (5 फरवरी 2026) की रात को काम से घर लौट रहे थे। कथित तौर पर तेज रफ्तार में होने और रात के समय में जल्दी घर पहुंचने के शॉर्टकट के चक्कर में उनकी बाइक जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड के एक खुले, बिना सुरक्षा घेरे वाले तकरीबन 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई।
करीब 13-14 फीट चौड़े इस गड्ढे में गिरने से कमल की मौत हो गई। घटनास्थल से अपाचे बाइक और कमल का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, कमल के जुड़वां भाई करण का कहना है कि उनके परिवार ने पूरी रात छह से अधिक थानों में पुलिस को सूचित कर मदद की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने तुरंत शिकायत तक दर्ज नहीं की।
वहीं, कमल को तलाशने में भी लापरवाही देखी गई। परिजनों के अनुसार, न तो युवक के मोबाइल लोकेशन को सही तरीके से ट्रेस किया गया और न ही उचित संसाधनों का प्रयोग किया गया। मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सभी मृतक की तलाश करते रहे। अंतत: एक जीवन का अकारण युवावस्था में ही अंत हो गया।
साक्ष्य देने में पुलिस कर रही आनाकानी
पुलिस की ओर से पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है। परिवार को न्याय दिलाने के लिए जो उचित होगा वह किया जाएगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज देने में भी आनाकानी कर रही है। परिजनों को इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई से कोई संतुष्टि नहीं मिली है।
-आस्था चतुर्वेदी, अधिवक्ता
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