कामचलाऊ बैरिकेड में गैप और बिना चेतावनी गड्ढा, जनकपुरी में शॉर्टकट बना मौत का रास्ता
जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गड्ढे में गिरकर कमल नामक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। जल बोर्ड ने सड़क पर कामचलाऊ बैरिकेड लगाकर बीच में ढा ...और पढ़ें
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दिल्ली में बाइक सवार युवक की गढ्ढे में गिरकर मौत।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। जनकपुरी में बृहस्पतिवार रात दिल्ली जलबोर्ड द्वारा खोदे गड्ढे में गिरकर कमल नामक युवक की मौत का कारण दिल्ली जलबोर्ड द्वारा गत महीने नोएडा में युवराज नामक युवक की हादसे में हुई मौत की घटना से सीख नहीं लिए जाना है।
जिसके कारण जलबोर्ड द्वारा सड़क पर काम चलाउ बैरिकेड लगाकर अपना पल्ला झाड़ लिया गया था। उस बैरिकेड में करीब ढाई से तीन फीट का गैप छोड़ दिया गया था, जिससे बाइक सवार उस मार्ग पर शार्टकट लेने के लिए उपयोग करते थे। इसी शार्टकट का कमल ध्यानी ने भी इस्तेमाल किया था।
बृहस्पतिवार रात अपनाया गया वही शार्टकट उसके लिए मौत का रास्ता बन गया। सड़क पर बैरिकेड के बीच छोड़े गए संकरे गैप और बिना चेतावनी खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से कमल की जान चली गई। परिवार के लोग पूरी रात पुलिस के साथ उसकी तलाश में भटकते रहे पर अंधेरे स्थान पर बने गड्डे में किसी का ध्यान नहीं गया।
जनकपुरी में मीठा पानी उपलब्ध कराने की योजना अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी। इसके लिए जोगिंदर सिंह मार्ग से डाबड़ी की ओर जाने वाली सड़क बंद कर दी गई थी। सड़क की शुरुआत में बैरिकेड लगाए गए थे, लेकिन उनके बीच करीब ढाई फीट का गैप छोड़ दिया गया था।
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जाम से बचने के लिए बाइक सवार अक्सर इसी संकरे रास्ते से निकलते थे। बताया गया है कि बृहस्पतिवार को जल बोर्ड ने इसी कट से पहले एक बड़ा गड्ढा करीब 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया था।
अंधेरा होने और गड्ढे के पास किसी प्रकार के रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं होने के कारण कमल को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी और वह गड्ढे तक पहुंच गए। सड़क किनारे बची ढाई फीट चौड़ी जगह पर गीली मिट्टी होने के कारण इनकी बाइक फिसल गई और वह सीधे गड्ढे में जा गिरे।
उन्होंने रात 11:53 बजे अपने भाई को फोन कर बताया था कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास है और 15 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। जब वह निर्धारित समय तक घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश शुरू की गई था। इधर घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली जल बोर्ड ने आनन-फानन में बैरिकेड के गैप को हरे कवर से ढक दिया।
नहीं है रोशनी की व्यवस्था
जिस स्थान पर गड्ढा खोदा गया है वहां पर प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। एसे स्थानों पर सामान्यतया रफ्लेक्टर लगाए जाते हैं। ताकि दूर से वह स्थान दिखाई दे।
साथ ही एसे गड्ढों के पास भी उचित रोशनी या छोटे लाइट लगाने के नियम होते हैं, ताकि कोई गलती से भी वहां न पहुंच जाय पर ऐसा कुछ भी गड्ढे के पास नहीं मिला।
यही नहीं उस स्थान पर घने पेड़ हैं, जो कैनोपी की तरह उपर से भी घेरे हुए हैं, जिससे आस पास की रोशनी भी वहां नहीं पहुंचती है। इसके कारण रात होते ही वहां घूप अंधेरा छा जाता है।
सुरक्षा कर्मी का टेंट है पर कर्मी गायब
गड्ढे के पास की सुरक्षा कर्मी का और काम करने वाले कर्मचारी का टेंट लगा हुआ मिला। उस टेंट में बिस्तर और खाना बनाने के सभी सामान मिले पर कोई कर्मी नहीं दिखा। टेंट को देखने से लग रहा था कि उसमें कोई रहता है, पर बृहस्पतिवार रात उसमें रहने वाला कर्मचारी आखिर कहां था। अगर वह होता तो संभवत: यह घटना नहीं होती।
रात करीब 12 बजे घटना स्थल के पास हुआ था झगड़ा
एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि वह पास ही रहते हैं। रात करीब 12 बजे उन्होंने सड़क के घटना स्थल के पास से लड़ाई झगड़े की आवाज सुनी थी। जिसमें कुछ लोग काफी तेज आवाज में किसी को गालियां दे रहे थे और उसे मारने पीटने की धमकी दे रहे थे।
यह आवाजें करीब 15 मिनट तक आती रही। उसके बाद आवाज आनी बंद हो गई। शख्स का कहना है कि कहीं यह इससे पीड़ित का तो संबंध नहीं है। इस संबंध में डीसीपी पश्चिम डी शरद भास्कर ने कहा कि इस जानकारी की भी पुलिस जांच कर रही है। क्या यह झगड़ा इस घटना से संबंधित तो नहीं है।
दिल्ली जल बोर्ड का दावा
जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत मामले में दिल्ली जल बोर्ड ने शुक्रवार को दावा किया कि जिस गड्ढे में कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल सवार गिरे और उनकी मौत हो गई, उसे हरी जाली से घेरा गया था और उस क्षेत्र को बैरिकेड से घेरा गया था।
जल बोर्ड ने कहा कि अपनी प्रारंभिक जांच में उसने पाया कि जिस सड़क पर काम चल रहा था, उसे बैरिकेड और हरी जाली से बंद कर दिया गया था, और दुर्घटना स्थल पर स्थित गड्ढे को भी हरी जाली से घेरा गया था।
दिल्ली जल बोर्ड ने दुर्घटना स्थल की एक तस्वीर और एक वीडियो जारी की है, जिसमें बैरिकेड से घिरे हिस्से को दिखाया गया है, जिसके बीच में एक संकरा खुला हिस्सा है, लेकिन वह भी हरी जाली से ढका हुआ है।
मौके पर पहुंचे जल मंत्री प्रवेश वर्मा का विरोध
घटना की सूचना के बाद मौके पर दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश वर्मा और गृह मंत्री आशीष सूद भी पहुंचे और उपस्थित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान आप और कांग्रेस के भी कुछ कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारे बाजी करने लगे।
इस दौरान भाजपा के भी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच आप सरकार और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। धीरे धीरे नारे बाजी करते हुए दोनों ही पक्ष आमने सामने आ गए और स्थिति धक्का मुक्की तक पहुंच गई। मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्ष को वहां से हटा दिया।
जनकपुरी में हुई घटना की जांच के लिए जिलधिकारी, एसडीएम, संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात), जिला पुलिस उपायुक्त, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शनिवार को संयुक्त रूप से घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे और उचित कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।
आशीष सूद, गृह मंत्री