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    जनकपुरी हादसा: सर्द रात में गड्ढे में तड़पता रहा कमल, चार लोगों ने देखा पर नहीं बचाई जान

    Updated: Sun, 08 Feb 2026 06:43 AM (IST)

    जनकपुरी में जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर कमल ध्यानी की मौत के मामले में चौंकाने वाली संवेदनहीनता सामने आई है। कई लोगों ने कमल को गड्ढे में देखा, ल ...और पढ़ें

    जनकपुरी थाना क्षेत्र में जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर हुई कमल ध्यानी की मौत।

    जनकपुरी थाना क्षेत्र में जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर हुई कमल ध्यानी की मौत।

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    जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। जनकपुरी थाना क्षेत्र में जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर हुई कमल ध्यानी की मौत की घटना से जुड़ी जांच में जो प्राथमिक बातें सामने आई हैं, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाली हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि बृहस्पतिवार रात जब कमल बाइक सहित गड्ढे में गिरे, तो एक के बाद एक तीन लोग और एक पूरा परिवार इसके प्रत्यक्षदर्शी बने, लेकिन किसी ने भी उसे बचाने की तो बहुत दूर की बात है 112 डायल कर पुलिस को कॉल करने की भी जहमत नहीं उठाई।

    सभी सर्द रात में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मौत के मुंह में छोड़कर अपने-अपने घर को चले गए। शनिवार को इस पूरे मामले में पहली गिरफ्तारी हुई। यह गिरफ्तारी दिल्ली जल बोर्ड उस सब-कांट्रेक्टर राजेश प्रजापति की है, जिसने कमल को गड्ढे में गिरा देखा पर न उसकी सहायता की और न ही इसकी जानकारी पुलिस को दी। इस मामले में पुलिस अब उस गार्ड की तलाश में है, जिसने राजेश प्रजापति को युवक के गड्ढे में होने की सूचना दी।

    घटना स्थल के पास लगे एक कैफे के सीसीटीवी फुटेज से से खुला राज

    पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त डी शरद भास्कर ने बताया कि घटना स्थल के पास मौजूद एक कैफे के सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि हादसे के वक्त वहां से एक कार सवार परिवार गुजर रहा था। कार चला रहे सागरपुर निवासी विपिन सिंह ने गड्ढे में गिरती बाइक देख तुरंत अपनी कार रोकी। विपिन जो उस समय अपने परिवार के साथ रोहिणी से सागरपुर स्थित अपने घर जा रहे थे ने गड्ढे में देखा कि बाइक की हेडलाइट जल रही थी और कमल बाइक के नीचे दबे बेसुध पड़े थे।

    विपिन ने इसकी जानकारी पास के बी ब्लाक जनकपुरी बीबी ग्रीन वैली अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मी को दी। सुरक्षाकर्मी ने मौके पर जाकर देखा और फिर पास ही टेंट में रह रहे दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी योगेश को सूचना दी। योगेश ने रात करीब 12:22 बजे अपने मालिक और सब-कान्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को फोन किया।

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    संवेदनहीनता की पराकाष्ठा, तड़पता देख घर जाकर सो गया आरोपित

    हैरानी की बात यह है कि सूचना मिलते ही राजेश प्रजापति त्रिनगर स्थित अपने घर से मौके पर पहुंच गया। उसने अपनी आंखों से कमल को गड्ढे में बेसुध पड़ा देखा, उसे पता था कि कमल को गंभीर चोट आई है और उन्हें तत्काल चिकित्सा की जरूरत है, लेकिन उन्हें बाहर निकालने या एम्बुलेंस बुलाने के बजाय, वह वहां से ऐसे चला गया जैसे उसने कुछ देखा ही नहीं, चुपचाप वापस घर जाकर सो गया।

    उधर, कार सवार विपिन अपने परिवार के साथ सागरपुर लौट गया, सुरक्षाकर्मी वापस कैफे के बाहर जाकर बैठ गया और कर्मचारी योगेश भी अपनी झुग्गी में सोने चला गया। सुबह तक कमल ने दम तोड़ दिया।

    सब-कान्ट्रैक्टर ने पूछताछ में जताई अनभिज्ञता

    डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने मामले की गंभीरता और घोर लापरवाही को देखते हुए पहले सब-कान्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, पर पूछताछ के दौरान उसने घटना से अनभिज्ञता जता दी। जब उसके मोबाइल की और घटना स्थल पर लगे कैफे के फुटेज की जांच की गई तो उसके झूठ की पोल खुल गई। पता चला कि कैसे उसने इंसानियत को ताक पर रखकर युवक को मरने के लिए छोड़ दिया था, जिसके बाद उसे आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी में जल बोर्ड के अन्य कौन से अधिकारी या बड़े ठेकेदार शामिल हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही है। इस मामले में कानून संगत हर संभव कार्रवाई की जाएगी।

    योगेश ने करण को भी नहीं बताई घटना

    कमल के भाई करण ने बताया कि जब वे कमल की तलाश करते हुए जनकपुरी थाना पुलिस की टीम के साथ मिल रहे लोकेशन के आधार पर बृहस्पतिवार रात करीब डेढ बजे वह उस गड्ढे के पास पहुंचे थे और सड़क के दूसरी ओर से आवाज लगाकर टेंट में रह रहे कांट्रैक्टर कर्मचारी योगेश से यह पूछा था कि यहां कोई हादसा तो नहीं हुआ, तो उस समय भी यह जानते हुए कि कमल गड्ढे में गिरा बेसुध पड़ा है, उन्हें यह नहीं बताया। संभवत: उस समय भी उसने सच्चाई बता दी होती तो कमल की जान बच जाती।

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