Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    झीलों का शहर बनेगी दिल्ली, 376 करोड़ बजट मंजूर

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 24 Dec 2018 10:55 PM (IST)

    -जल बोर्ड की बैठक में 159 झीलों के विकास की योजना को दी गई मंजूरी -झीलों में एक˜ि ...और पढ़ें

    झीलों का शहर बनेगी दिल्ली, 376 करोड़ बजट मंजूर
    झीलों का शहर बनेगी दिल्ली, 376 करोड़ बजट मंजूर

    -जल बोर्ड की बैठक में 159 झीलों के विकास की योजना को दी गई मंजूरी

    -झीलों में एकत्रित किया जाएगा पानी, भूजल होगा रिचार्ज

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली :

    दिल्ली भले ही पेयजल के लिए अब तक दूसरे राज्यों पर निर्भर रहा है और यहां पेयजल किल्लत बड़ी समस्या रही है। लेकिन अब दिल्ली झीलों की शहर बनेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में राजधानी में 376 करोड़ की लागत से 159 झीलों के विकास योजना को मंजूरी दी गई।

    इन झीलों में बरसात का पानी एकत्रित किया जा सकेगा। साथ ही सीवरेज शोधन संयंत्रों से उपचारित पानी को भी इनमें एकत्रित किया जा सकेगा। इन झीलों में भूजल रिचार्ज की सुविधा होगी। इसलिए इन झीलों का विकास होने के बाद यह परियोजना दिल्ली के गिरते भूजल स्तर को सुधार करने में मददगार साबित होगी।

    जल बोर्ड के अनुसार मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 200 जलाशयों के पुनर्विकास का निर्देश दिया है। इस क्रम में ही 159 जलाशयों को झील के रूप में विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। ये झील 350 एकड़ क्षेत्र में फैली होंगी। जिनकी क्षमता 1581 मिलियन लिटर पानी भंडारण की होगी। इन झीलों का विकास वैज्ञानिक तरीके से होगा। ताकि वर्षा का पानी आसानी से उन तक पहुंच सके।

    जल बोर्ड के अनुसार इस योजना के तहत रोहिणी और निलोठी में दो बड़ी झीलों का निर्माण होगा। रोहिणी में 32 एकड़ जमीन पर कृत्रिम झील तैयार की जाएगी। इस पर 53.8 करोड़ खर्च होगा। इसके अलावा निलोठी में 25 एकड़ जमीन पर भी झील का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण पर 23.5 करोड़ रुपया खर्च होगा। रोहिणी व निलोठी सीवरेज शोधन संयंत्रों से उपचारित पानी का भंडारण उनमें किया जाएगा। इसके अलावा नजफगढ़ में 23 एकड़ में, द्वारका में सात एकड़ जमीन में झील का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा तिमारपुर में 45 एकड़ जमीन में झील का निर्माण किया जाना है।

    खबरें और भी

    पिकनिक स्पॉट के तौर पर होंगे विकसित

    जल बोर्ड का कहना है कि यह झील पिकनिक स्पॉट के तौर पर विकसित की जाएगी। रोहिणी व निलोठी झील का निर्माण 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगले दो माह में शुरू होने की उम्मीद है। सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग को भी 29 झीलों के विकास की जिम्मेदारी दी गई है। पांच प्रमुख प्रस्तावित झील में पानी क्षमता

    निलोठी झील- 40 मीलियन गैलन

    रोहिणी झील- 15 मीलियन गैलन

    तिमारपुर झील- 30 मीलियन गैलन

    नजफगढ़ झील- 38 मीलियन गैलन

    द्वारका झील- 12.5 मीलियन गैलन