दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद वालों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, कालिंदी कुंज में बनेगा टू-वे फ्लाईओवर
kalindi kunj flyover दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के निवासियों को अब रोजाना के जाम से बड़ी राहत मिलेगी। राजधानी के कालिंदी कुंज में एक नया टू-वे फ्लाईओवर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI-generated

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। कालिंदीकुंज दिल्ली और नोएडा सीमा का एक ऐसा व्यस्त चौराहा है, जहां नोएडा, फरीदाबाद, बदरपुर और सरिता विहार सहित कई दिशाओं से आने वाले भारी वाहनों का दबाव रहता है। सुबह-शाम पीक आवर्स में यहां भीषण जाम लगता है। छोटे से लेकर बड़े वाहन मुश्किल से खिसक पाते हैं। वहीं दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का हिस्सा खुलने के बाद से इस चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ गया है।
कालिंदी कुंज चौराहे पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए एनएचएआई इसे सिग्नल फ्री बनाने की तैयारी कर रहा है। यहां टू-वे फ्लाईओवर के साथ ही दो नए लूप बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 500 करोड़ रुपये का बजट भी उपलब्ध कराया है।
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दिल्ली के कालिंदीकुंज से नोएडा आने वाले मार्ग पर लगे जाम में फंसे वाहन l फाइल फोटो
कालिंदी कुंज चौराहा होगा सिग्नल फ्री
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक दो नए लूप बनने के बाद कालिंदी कुंज चौराहा पूरी तरह सिग्नल फ्री हो जाएगा। टू-वे फ्लाईओवर के प्रस्ताव के लिए एक डीपीआर पहले ही तैयार की जा चुकी है, जो मदनपुर खादर पुलिस चौराहे को नोएडा से जोड़ेगा और नोएडा से खादर पुलिया तक वापसी का एक लिंक भी प्रदान करेगा।
क्या होगा रूट?
दो ‘लूप रोड’ में पहला उन वाहन चालकों के लिए होगा, जो नोएडा (कालिंदी कुंज पुल) से फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेस-वे की ओर जा रहे हैं, वे बाएं मुड़कर कालिंदी कुंज चौराहे को पूरी तरह से बायपास कर सकेंगे।
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दूसरा उल्टी दिशा से बनाया जाएगा। यह उन वाहन चालकों के लिए है जो फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेसवे से नोएडा की ओर आ रहे हैं। यह सीधे ओखला बैराज रोड से जुड़ जाएगा। इसके लिए मौजूदा चौराहा चालू रहेगा, इसे सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा और इसके कुछ हिस्सों को चौड़ा किया जाएगा।
डीपीआर तैयार, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सबसे पहले अगस्त 2025 में इस प्रस्ताव को उठाया था। संयुक्त आयुक्त ट्रैफिक संजय कुमार त्यागी के मुताबिक तब एनएचएआई को चिट्ठी लिखी गई थी। यहां भीषण जाम से प्रतिदिन आमजन को होने वाली दिक्कतों पर ध्यान देने और बुनियादी ढांचे में तत्काल सुधार करने का अनुरोध किया गया था।
एनएचएआई ने मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया। प्रस्तावित इंटरचेंज के लिए डीपीआर तैयार है। हालांकि निर्माण कार्य कब शुरू होगा, यह तय नहीं है, पर एनएचएआई की मंजूरी और डीपीआर बनने के बाद इसके जल्द शुरू होने का अनुमान है।
इस मुद्दे के लोकसभा में भी उठाया था। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार, जिन्होंने इसके लिए 500 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया। दिल्ली, यूपी और हरियाणा के वाहन चालक जो घंटों जाम में फंसते हैं, कालिंदी कुंज चौराहा सिग्नल फ्री होने से उनका समय बचेगा।
-रामवीर सिंह बिधूड़ी, सांसद, दक्षिणी दिल्ली