कश्मीरी गेट में जर्जर इमारत का हिस्सा गिरा, पुलिस ने ऊपरी मंजिल पर फंसे तीन लोगों को बचाया
कश्मीरी गेट के कूचा मोहतार खान में बारिश के कारण एक पुरानी इमारत का हिस्सा ढह गया, जिसमें दूसरी मंजिल ...और पढ़ें

कश्मीरी गेट में जर्जर इमारत ढही पुलिस ने ऊपरी मंजिल पर फंसे तीन लोगों को बचाया।
HighLights
कश्मीरी गेट में बारिश से जर्जर इमारत का हिस्सा ढहा।
दूसरी मंजिल पर फंसे तीन लोगों को पुलिस ने बचाया।
सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई जनहानि नहीं हुई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कश्मीरी गेट इलाके के कूचा मोहतार खान में मंगलवार को वर्षा के कारण एक पुरानी और जर्जर इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के दौरान इमारत की दूसरी मंजिल पर एक परिवार के तीन सदस्य फंस गए। इमारत लगातार ढह रही थी और अंदर जाने का रास्ता भी पूरी तरह बंद हो गया था।
ऐसे में सूचना पर पहुंची कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने फायर सर्विस, एमसीडी और अन्य संबंधित एजेंसियों के पहुंचने से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
बीट पर तैनात हेड कांस्टेबल अंकुर तत्काल मौके पर पहुंचे
उत्तरी जिले की उपायुक्त नीहारिका भट्ट के मुताबिक, कश्मीरी गेट थाने को कूचा मोहतार खान स्थित मकान संख्या 3892 में इमारत गिरने की पीसीआर काल मिली थी। बीट पर तैनात हेड कांस्टेबल अंकुर तत्काल मौके पर पहुंचे।
इसके बाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने देखा कि पुरानी इमारत का एक हिस्सा ढह चुका था। एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों ने आसपास का इलाका घेर लिया और लोगों को दूर कर दिया।
पहली मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां पूरी तरह टूट चुकी
जांच में पता चला कि भूतल से पहली मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां पूरी तरह टूट चुकी थीं। इसके कारण इमारत के अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं बचा था। वहीं दूसरी मंजिल पर 78 वर्षीय लक्ष्मी देवी, उनकी 50 वर्षीय बेटी सविता और 43 वर्षीय बेटे हेमंत कुमार फंसे हुए थे। पूरी इमारत के धीरे-धीरे ढहने के कारण उनकी जान खतरे में थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम बगल की इमारत में पहुंची। वहां से हेड कांस्टेबल अंकुर और कांस्टेबल प्रवीण क्षतिग्रस्त इमारत की छत तक पहुंचने और पुलिसकर्मियों ने लकड़ी की सीढ़ियों और तख्तों की मदद से तीनों फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
