जंतर-मंतर पर बवाल से सुर्खियों में आए स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में जुटी भीड़, VVIP गलियारों में पैठ की Inside Story
स्वतंत्र भारद्वाज जंतर-मंतर पर हुए एक विवाद और दिल्ली पुलिस से बहस के बाद सुर्खियों में हैं। उन पर गंभीर ...और पढ़ें

संसद मार्ग थाने के आने स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में धरना प्रदर्शन करती भीड़। जागरण
HighLights
स्वतंत्र भारद्वाज जंतर-मंतर विवाद के बाद चर्चा में आए।
उन पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, पुलिस हिरासत में।
हिंदू संगठन विरोध में, वीवीआईपी पहुंच पर सवाल।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पॉडकास्ट के एक वीडियो और दिल्ली पुलिस के साथ विपक्षी दलों की हुई तीखी बहस के बाद 'स्वतंत्र भारद्वाज' अचानक सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा का केंद्र बन गए हैं।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के वक्त हुए एक मारपीट से संबंधित मामले में उनके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एक तरफ जहां पुलिसिया कार्रवाई और वायरल वीडियो को लेकर घमासान मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह शख्स कौन है, जिसकी पहुंच सत्ता के शीर्ष केंद्रों तक बताई जाती है। यह दावा भी स्वतंत्र खुद ही करता है।
संसद मार्ग थाने पर क्यों हो रहा प्रदर्शन?
सीजेपी कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने के आरोपित स्वतंत्र भारद्वाज की पुलिस हिरासत के विरोध में शनिवार को दिल्ली में हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। संसद मार्ग थाने पर एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों की मांग है कि स्वतंत्र पर से एस/एसटी एक्ट, हत्या के प्रयास की धारा 307 और पोक्सो एक्ट जैसी संगीन धाराएं दर्ज करना सरासर गलत है और इन झूठे मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह स्वतंत्र भारद्वाज कौन है?

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?
स्वतंत्र भारद्वाज खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में पेश करते हैं। वह दिल्ली और आसपास के इलाकों में विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय देखे गए हैं।
दिल्ली के प्रमुख धरना स्थलों विशेषकर जंतर-मंतर पर विभिन्न आयोजनों, सम्मेलनों और विरोध प्रदर्शनों में उनकी मौजूदगी अक्सर देखी जाती रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी वह काफी एक्टिव रहते हैं, जहां वह राष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं।

सत्ता के गलियारों में पैठ और PM मोदी के शपथ ग्रहण में मौजूदगी
कई तरह के वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी राजनीतिक पहुंच और रसूख का दावा किया है।
हालांकि, यही दावा उनके लिए मुसीबत का सबब बन गया है। सोशल मीडिया में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह जैसी अति-विशिष्ट कार्यक्रम में भी शिरकत करता देखा गया है।
इसके अलावा स्वतंत्र को राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े कार्यक्रमों और संघ-बीजेपी विचारधारा से जुड़े आयोजनों में अक्सर अग्रिम पंक्तियों या विशिष्ट अतिथियों के बीच देखा जाता रहा है।
दिग्गज बीजेपी नेताओं से करीबी रिश्ते और सियासी रसूख
सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में स्वतंत्र भारद्वाज की कई ऐसी तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं, जो सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ उनके गहरे और पुराने संबंधों की ओर इशारा करते हैं।
केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, और संगठन के बड़े पदाधिकारियों के साथ स्वतंत्र भारद्वाज की तस्वीरें अक्सर सामने आती रहती हैं।
जानकारों का मानना है कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच भारद्वाज का अच्छा-खासा संपर्क नेटवर्क रहा है, जिसकी वजह से वह पुलिस प्रशासन के सामने भी बेबाकी से अपनी बात रखते नजर आते हैं।
जंतर-मंतर का विवाद और दिल्ली पुलिस से तनातनी
जंतर-मंतर पर हालिया घटनाक्रम के बाद बने वायरल वीडियो ने स्वतंत्र भारद्वाज को रातों-रात खबरों की सुर्खियों में ला दिया। वीडियो में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस और तनातनी देखने को मिली।
इस घटना के बाद एक ओर जहां पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारद्वाज के राजनीतिक रसूख और शपथ ग्रहण जैसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में उनकी एंट्री को लेकर भी विपक्षी खेमे ने निशाना साधना शुरू कर दिया है। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे विवाद के बाद उनकी राजनीतिक राह किस करवट बैठती है।
