दिल्ली विधानसभा गेट पर हंगामा! पुलिस ने रोका केजरीवाल का काफिला, जेड प्लस सुरक्षा कर्मियों को भी नहीं दिया प्रवेश
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का काफिला विधानसभा के बाहर रोका गया। विशेषाधिकार समिति की सुनवाई में पेशी के दौरान पुलिस ने उनके सुरक्षा क ...और पढ़ें
HighLights
केजरीवाल का काफिला दिल्ली विधानसभा के बाहर रोका गया।
सुरक्षा कर्मियों को प्रवेश न मिलने पर आप ने आपत्ति जताई।
फांसी घर मामले में विशेषाधिकार समिति की सुनवाई थी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा पहुंचे, लेकिन उनके काफिले को विधानसभा परिसर में प्रवेश से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। यह घटना विशेषाधिकार समिति की सुनवाई के दौरान हुई, जिसमें केजरीवाल को फांसी घर (phansi-ghar) मामले में पेश होने के लिए बुलाया गया था।
केजरीवाल को नहीं जाने दिया विधानसभा के अंदर
विधानसभा के गेट पर पहुंचते ही आप के विधायकों और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या वहां जमा हो गई। केजरीवाल और अन्य नेताओं को अंदर जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया और स्पष्ट कहा कि केवल उन सदस्यों को प्रवेश दिया जाएगा, जिन्हें समिति ने विशेष रूप से बुलाया है।

अरविंद केजरीवाल के साथ कार में बैठे सौरभ भारद्वाज को विधानसभा जाने से पहले बाहर निकाला गया। जागरण
पुलिस ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आतिशी को अंदर जाने की अनुमति दी, लेकिन उनके साथ कार में सवार आप नेता सौरभ भारद्वाज को बाहर निकाल दिया गया।
AAP कार्यकर्ताओं में गर्माहट
इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ गया। आप ने केजरीवाल की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी का कहना है कि केजरीवाल को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें सुरक्षा कर्मियों को उनके साथ जाने का प्रावधान है। हालांकि, विधानसभा में उनके साथ एक भी सुरक्षा कर्मी को प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई। आप ने इसे सुरक्षा से खिलवाड़ करार दिया और कहा कि यह गंभीर मामला है।

विधानसभा के बाहर पुलिस ने रोका केजरीवाल का काफिला। जागरण
घटना के बाद आप नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि यह सब राजनीतिक दबाव में किया गया। केजरीवाल विधानसभा परिसर में पहुंचकर समिति के सामने पेश हुए। यह मामला 2022 में विधानसभा परिसर में ब्रिटिश काल के फांसी घर को लेकर उठा था, जिस पर विशेषाधिकार समिति जांच कर रही है।
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आप ने मांग की है कि ऐसी सुनवाई पारदर्शी होनी चाहिए और लाइव प्रसारण किया जाए, लेकिन समिति ने इसे खारिज कर दिया। यह घटना दिल्ली की सियासत में नया विवाद खड़ा कर रही है, जहां आप और विपक्ष के बीच तनाव जारी है।