मजलिस पार्क आग हादसे में झुलसे दमकलकर्मी का निधन, 9 दिन बाद जिंदगी की जंग हारे; 30 वर्षों की निस्वार्थ सेवा का अंत
मजलिस पार्क में आग बुझाते समय एलपीजी सिलेंडर फटने से गंभीर रूप से झुलसे दमकलकर्मी सुरेश कुमार पहल का नौ दिन बाद निधन हो गया। उन्होंने गंगाराम अस्पताल ...और पढ़ें

चार मंजिला मकान में लगी आग को बुझाने के दौरान अचानक एलपीजी सिलिंडर फटने से झुलसे दमकलकर्मी की नौ दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आदर्श नगर इलाके के मजलिस पार्क में चार मंजिला मकान में लगी आग को बुझाने के दौरान अचानक एलपीजी सिलिंडर फटने से झुलसे दमकलकर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पैतृक ग्राम में किया अंतिम संस्कार
मृतक की पहचान गांव गुम्मड़, गन्नौर, सोनीपत, हरियाणा के सुरेश कुमार पहल के रूप में हुई है। पिछले करीब नौ दिनों से सुरेश जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे थे। मंगलवार देर रात उन्होंने गंगाराम अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों के हवाले कर दिया। परिजन शव अपने पैतृक निवासी गांव गुम्मड़ ले गए। वहीं, पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
चार मंजिला मकान में लगी थी आग
दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सुरेश कुमार पहल ने वर्ष 1996 में दिल्ली फायर सर्विस को ज्वाइन किया था। फिलहाल वह लीडिंग फायर मैन के पद पर वजीरपुर दमकल केंद्र में तैनात थे। दरअसल, 22 फरवरी की सुबह मजलिस पार्क में एक चार मंजिला मकान में आग लगने की खबर मिली थी। सुरेश भी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। आग पर काबू पाने का काम जारी थी। इस बीच एक फ्लोर पर बड़ा एलपीजी सिलिंडर फट गया। इस हादसे में सुरेश कुमार के अलावा 13 अन्य लोग झुलस गए।
30 साल तक दी दमकल विभाग में सेवा
इनमें आठ लोग पड़ोसी व बिल्डिंग में रहने वाले थे जबकि तीन पुलिसकर्मी व तीन दमकलकर्मी सुरेश कुमार, सीताराम और वेद प्रकाश थे। इनको नजदीकी मैक्स अस्पताल ले जाया गया। जहां से गंभीर होने पर सुरेश कुमार को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो उनको गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार देर रात को वह जिंदगी की जंग हार दिए। उनकी मौत के बाद दमकल कर्मियों को शौक की लहर है। साथी दमकल कर्मियों का कहना था कि 30 साल सेवा देने के बाद वह अपनी ड्यूटी पर शहीद हो गए।
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मंगलवार देर रात को वह जिंदगी की जंग हार गए। उनकी मौत के बाद दमकलकर्मियों में शौक छा गया। साथी दमकलकर्मियों का कहना था कि 30 साल सेवा देने के बाद वह अपनी ड्यूटी पर शहीद हो गए।
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