'जहरीले सांप' वाले बयान पर मचा बवाल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत
मल्लिकार्जुन खरगे के 'जहरीले सांप' वाले बयान पर भाजपा नेता नरेंद्र चावला ने चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। चावला ने खड़गे पर सांप ...और पढ़ें

मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत। फोटो: आर्काइव
HighLights
खरगे के 'जहरीले सांप' बयान पर चुनाव आयोग और पुलिस में शिकायत
भाजपा नेता नरेंद्र चावला ने सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का आरोप लगाया
चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध और तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हाल में दिए एक विवादित बयान को लेकर दक्षिण दिल्ली के पूर्व मेयर और भाजपा नेता नरेंद्र कुमार चावला ने खरगे के खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायात दी है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से पुलिस से कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और भारत निर्वाचन आयोग से आचार संहिता उल्लंघन के लिए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह पूरा विवाद 6 अप्रैल को असम के नीलमबाजार में आयोजित एक चुनावी रैली से जुड़ा है।
खरगे पर दंगे फैलाने के प्रयास का आरोप
शिकायतकर्ता ने खरगे के भाषण के उस विवादित अंश का उल्लेख किया है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा गया है कि ये जहरीला सांप आपके सामने से गुजर रहा है और आप नमाज भी पढ़ रहे हैं तो नमाज छोड़ के उस जहरीले सांप को मारना ये कुरान में कहा है। ये जहरीला सांप आरएसएस या या है। इसको नहीं मारेंगे तो आप कभी बचेंगे नहीं।
नरेंद्र चावला ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उनकी मांग है कि मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का प्रयास, धार्मिक अपमान, हत्या का प्रयास और साजिश, आचार संहिता का उल्लंघनऔर आचार संहिता की अवहेलना करना के लिए कार्रवाई की जाए।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल पहले भी कर चुके हैं। पूर्व मेयर ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि मल्लिकार्जुन खरगे के चुनाव प्रचार करने पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही, उन्होंने आईपी एस्टेड थाने में शिकायत देते हुए दिल्ली पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मामला दर्ज कर आरोपितों से हिरासत में पूछताछ की जाए।